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सद्गुरू बाबा हरदेव सिहं जी की याद में समर्पण दिवस मनाया गया

बाँदा में बाबा हरदेव सिहं जी महाराज की याद में समर्पण दिवस निरंकारी सत्संग भवन में 13 मई  सोमवार को सायंकाल 5 से 8 बजे तक विशाल सत्संग सभा आयोजित कर मनाया गया, तथा बाबा जी की दिव्य शिक्षाओं को जीवन में अपनाने तथा मानवता के प्रति समर्पित होने की प्रेरणायें प्रदान की गई।

बाबा जी ने सद्गुरू रूप में निरंकारी मिशन का 36 वर्षो तक मार्ग दर्शन किया और तीन वर्ष पूर्व इसी दिन अपने साकार रूप का त्याग करके इस निराकार में विलीन हो गये। इस सत्संग सभा की अध्यक्षता मिशन के जोनल इंचार्ज डा. दर्शन सिहं ने की।

अध्यक्षीय प्रवचनों में उन्होनें ने फरमाया कि मानवता के कल्याण के लिये पीर, पैगम्बर, फरिश्ते मानव रूप में निराकार परमात्मा के हुकुम से एक निश्चित समय के लिये आते है तथा समय पूरा होते ही अपने दिव्य लोक को गमन कर जाते है। आने और जाने का कोई कारण तो होता ही है। देश के लिये तथा मानवता के लिये जीवन जीने वाले सदा सर्वदा अमर होते है।

आगे कहा कि बाबा जी के युग में मिशन का अद्वितीय विस्तार हुआ। बाबा जी ने मिशन के संदेश को देश के काने-काने तक पहुंचाने के लिये हर प्रकार के संचार साधनों का प्रयोग किया। बाबा जी स्वयं भी साल में 200 से अधिक दिनों तक कल्याण यात्रा पर रहते थें जिसके फलस्वरूप देश के कोने-कोने में सत्संग कार्यक्रम आयोजित किये गये। वर्ष 1980 में जब बाबा जी ने सद्गुरू रूप में मिशन की बागडोर संभाली तो भारत के बाहर 17 देशों में मिशन की शाखायें स्थापित हो चुकी थी परन्तु बाबा जी के प्रेम व अपनत्व की भावना से यह संख्या बढ कर 60 हो गयी। मिशन का पहला रक्तदान शिविर बाबा जी के समय में ही नवम्बर 1986 में आयोजित किया गया और तभी से इन शिविर की संख्या बढती रही और शिविर दूर देशों में भी आयोजित हाने लगे। निरंकारी भक्तों द्वारा आज तक 10 लाख से भी अधिक रक्त यूनिटों का योगदान दिया जा चुका है।

बाबा जी के समय में ही उनके जन्मदिन 23 फरवरी को 2003 से हर वर्ष देशभर में वृक्षारोपण तथा सफाई अभियान आरम्भ किये गये जिनमें समय-समय पर प्राचीन स्मारकों, सरकारी अस्पतालों, रेलवे स्टेशनों, समुद्र तथा नदियों के तटों एवमं पार्को इत्यादि पर विशेष ध्यान दिया गया।

इस सत्संग सभा में लगभग एक हजार भाई बहने उपस्थित हुए। सत्संग के बाद सब ने लंगर प्रसाद ग्रहण किया। लंगर प्रसाद का वितरण क्षेत्रीय संचालक डा. सुरेश सिहं बठीजा जी के मार्गदर्शन में हुआ। सत्संग में सेवादल कार्यकताओं ने समस्त सेवाओं में अपना भरपूर योगदान दिया।

इस सत्संग सभा के मुख्य वक्ता श्री मती भावना मूलचन्दानी, कौशल जी, अनीता गुप्ता जी, मनीषा सिहं इन्दौर तथा श्री दिलीप सिहं जी, सुरेश सिहं व सिमरन द्विवेदी जी रहे। यह जानकारी मीडिया सहायक ओमप्रकाश कश्यप जी ने दी।

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