< रेन्जर छुट्टी पर खनिज, वन माफियाओ की बल्ले-बल्ले Hindi News - Breaking News, Latest News in Hindi, हिंदी में समाचार, Samachar - Bundelkhand News जिले का वन विभाग हमेशा अपनी कार्यप्रणाली को लेकर सुर्खियों में "/>

रेन्जर छुट्टी पर खनिज, वन माफियाओ की बल्ले-बल्ले

जिले का वन विभाग हमेशा अपनी कार्यप्रणाली को लेकर सुर्खियों में रहते हैं लेकिन विगत वर्षों से दक्षिण व मंडल में नियम कानून का अभाव खूब देखने को मिल रहा है। अवैध रूप से जंगल की कटाई और अधिकारी कर्मचारियों के लचीले रुख के कारण जंगल पहले ही सिकुड़ते जा रहे हैं। इसके बाद भी वन अमला की उदासीनता जंगल को तबाह करने में अहम भूमिका निभा रही है।

दक्षिण वन मंडल के अंतर्गत सलेहा रेंज के रेंज ऑफिसर शिवपाल बुंदेला विगत 28 अप्रैल से लगातार छुट्टी पर है लेकिन डीएफओ द्वारा किसी अन्य रेंज ऑफिसर को उनका प्रभार नहीं दिया गया। अब सवाल उठता है कि सलेहा रेंज से रेंज ऑफिसर गायब हैं ऐसे में विभाग के आवश्यक कार्य कैसे सम्पादित हो रहे हैं। आला अधिकारियों का वर्दहस्त प्राप्त सलेहा रेंज में ऐसी भी कर्मचारी हैं जो कभी अपनी ड्यूटी नहीं करते सिर्फ वेतन ले रहे हैं।

काबिलेगौर है कि वनों के लिहाज से यह समय अति संवेदनशील माना जाता है कि अधिकतर आग लगने की घटना इसी महीने होती है, इसके अलावा तेंदूपत्ता का सीजन प्रारंभ हो चुका है और महुआ बिनाई का कार्य चल रहा है इसके बाद भी रेंज में रेंज ऑफिसर नहीं है। रेंजर के अवकाश पर चले जाने पर अधिकारी द्वारा किसी अन्य रेंज ऑफिसर को प्रभार नहीं दने के कारण विभागीय कार्य कैसे संपन्न हो रहा है यह बड़ा सवाल है।

वनों की सुरक्षा का दम भरने वाले अधिकारियों की जमीनी हकीकत है कि बिना रेंज ऑफिसर के रेंज चल रही है और किसी को कोई चिंता नहीं है इतना ही नहीं दक्षिण वन मंडल की डीएफओ मीना मिश्रा को तो यह भी नहीं मालूम कि सलेहा रेंज विगत 28 अप्रैल से बिना रेंज ऑफिसर के चल रही है। अपनी लचर कार्यप्रणाली के लिए बदनाम हो चुके वन महकमा में इस हद तक लापरवाही है।कि किसी अधिकारी को देखने सुनने की भी फुर्सत नहीं है। नीचे से लेकर ऊपर तक ऐसा कोई नज़र नहीं आ रहा है जिसको वनों की चिंता हो।

यही कारण है कि अवैध कटाई के मामले दिनोंदिन बढ़ते जा रहे हैं और विभाग के आला अधिकारी सबकुछ जानते हुए भी वनों के प्रति संवेदनशील नहीं है तथा अपनी कमजोरियों पर बात भी नहीं करना चाहते हैं, सीसीएफ के प्रभार पर किसी भदौरिया से जब इस सम्बन्ध में बात करना चाहा तो उन्होंने व्यस्तता का हवाल दिया लेकिन जब दो मिनिट मंगे तो सवाल सुनकर फोन काट दिया। 

About the Reporter

अन्य खबर

चर्चित खबरें