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गांव में छाया पीने का पानी का गंभीर संकट

मजबूर होकर ग्रामीण पहुंचे कलेक्ट्रेट टीकमगढ़। नईदुनिया प्रतिनिधि जिले की जतारा जनपद अंतर्गत आने वाले मोहनगढ़ तहसील के कोड़िया गांव में पीने का पानी का संकट गहराता जा रहा है। जिसके चलते ग्रामीण परेशान हैं। गांव की महिलाएं, पुरुष बच्चे सहित परिवार के अन्य लोग दिन भर पीने के पानी की व्यवस्था करते रहते हैं, लेकिन गांव में इस भीषण गर्मी

जिले की जतारा जनपद अंतर्गत आने वाले मोहनगढ़ तहसील के कोड़िया गांव में पीने का पानी का संकट गहराता जा रहा है। जिसके चलते ग्रामीण परेशान हैं। गांव की महिलाएं, पुरुष बच्चे सहित परिवार के अन्य लोग दिन भर पीने के पानी की व्यवस्था करते रहते हैं, लेकिन गांव में इस भीषण गर्मी के दौर में किसी भी प्रकार से स्थायी रूप से पेयजल की व्यवस्था नहीं बनाई जा रही है, जिसके चलते ग्रामीणों की समस्याएं लगातार बढ़ती जा रही है। गांव के लोगों ने सरपंच, सचिव और अन्य अधिकारियों से कई बार इसकी शिकायतें की हैं लेकिन इस ओर किसी का कोई ध्यान नहीं है।

हालत यह है कि जिम्मेदार अधिकारी भी समस्या का निराकरण करने में गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं जिसे लेकर गांव की महिलाओं और लोगों को मजबूर होकर कलेक्ट्रेट पहुंचना पड़ा। जहां सभी लोगों ने कलेक्टर के समक्ष एक आवेदन दिया है। जिसमें सभी लोगों ने गांव में सहित अन्य मोहल्लों में पेयजल की व्यवस्था कराने और स्थायी जल स्त्रोत से पेयजल उपलब्ध कराने की मांग उठाई है। ग्रामीणों ने कहा कि ग्राम कोड़िया में पानी की बहुत गंभीर समस्या खडी हो गई है। नल जल योजना का पानी केवल आधी यादव वस्ती के 10 से 12 परिवार के लोगों को मिल पा रहा है। वहीं गांव में अन्य जगह मोहल्लों में इस योजना के माध्यम से पानी नहीं पहुंच पा रहा है।

ग्रामीणों ने कहा कि कोड़िया गांव की ब्राह्मण, हरिजन और आदिवासी मोहल्ले में पीने के पानी की समस्या लगातार एक माह से बन रही है। जहां एक ओर जहां गर्मी का पारा चढ़ रहा है वहीं दूसरी ओर पीने के पानी का जल स्तर घट रहा है। जिससे यह समस्या गंभीर होती जा रही है। नल जल योजना के माध्यम से इन वाडो में निर्धारित पेयजल समस्या नहीं हो पा रहा है। वहीं पीएचई के अधिकारी भी इस समस्या को हल कराने में गंभीर नही है। आखिर गांव में पीने के पानी की समस्या कैसे हल होगी यह समस्या बन रही है। यदि इस ओर जल्द ही कोई ध्यान नहीं दिया गया तो लोगों को एक एक बूंद पानी के लिए भटकना पड सकता है।

तालाब सूखने से मवेशी भी परेशान

ग्रामीणों ने कहा कि आदिवासी मोहल्ला, हरिजन मोहल्ला और ब्राह्मण मोहल्ला में पिछले कई दिनों से किसी भी प्रकार पानी नहीं पहुंच पा रहा है। यहां लगे सभी हैंडपंप सूखे पडे हैं। जिनमें पानी ही नहीं निकल रहा है केवल हवा फेंक रहे हैं वहीं गांव में बना तालाब भी पूरी तरह सूख गया है। जिससे मवेशी भी पानी के लिए भटक रहे हैं। एक ओर जहां मवेशियों के लिए चारा नहीं है वहीं दूसरी ओर मवेशियों के लिए पानी की भी असुविधा हो रही है। जिससे कई मवेशियों की मौत हो रही है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से जल्द से जल्द कार्रवाई की मांग की है।

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