< अब एडीएम प्रशासन करेंगे शिक्षकों की बैठक की जांच Hindi News - Breaking News, Latest News in Hindi, हिंदी में समाचार, Samachar - Bundelkhand News बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षकों द्वारा भाजपा के समर्थन में बैठक "/>

अब एडीएम प्रशासन करेंगे शिक्षकों की बैठक की जांच

बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षकों द्वारा भाजपा के समर्थन में बैठक आयोजित करने के आरोपों की जांच अब अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) करेंगे, जबकि पहले इसकी जांच अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) को सौंपी गई थी। सपा की ओर से जांच अधिकारी की निष्पक्षता पर सवाल उठाने के बाद एडीएम (वित्त एवं राजस्व) ने स्वयं इस जांच से अलग होने का अनुरोध किया था। इस पर जिलाधिकारी ने अब जांच की जिम्मेदारी एडीएम (प्रशासन) को सौंप दी है। चुनाव से पूर्व बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षकों की एक होटल में बैठक हुई थी। समाजवादी पार्टी की ओर से आरोप लगाया गया था कि बैठक भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में आयोजित की गई थी। इसमें भाजपा के पदाधिकारी भी शामिल हुए थे। शिक्षकों की ये बैठक कर्मचारी आचरण नियमावली का उल्लंघन बताई गई थी। साथ ही आरोप था कि इस बैठक में कई शिक्षक ऐसे भी थे, जो निर्वाचन कार्य में बतौर बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) व पीठासीन अधिकारी कार्य कर रहे थे। ऐसे में मतदान प्रभावित होने की आशंका जताई गई थी।

शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी शिवसहाय अवस्थी ने तत्काल एडीएम (वित्त एवं राजस्व) नगेंद्र शर्मा की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित कर दी थी, जिसमें बेसिक शिक्षा अधिकारी और जिला विद्यालय निरीक्षक को भी शामिल किया गया था। कमेटी ने शिक्षकों की बैठक से संबंधित होटल के पांच घंटे के सीसीटीवी फुटेज कब्जे में ले लिए थे। फुटेज के आधार पर शिक्षकों को पहचानने का काम शुरू कर दिया गया था। एक दर्जन से अधिक शिक्षक चिह्नित भी कर लिए गए थे लेकिन, इससे पहले की जांच अपने अंजाम तक पहुंच पाती, सपा प्रत्याशी श्यामसुंदर की ओर से जांच की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए गए। उन्होंने जिला निर्वाचन अधिकारी से जांच में शामिल अधिकारियों को बदलने की मांग की। इसकी जानकारी होने पर एडीएम (वित्त एवं राजस्व) नगेंद्र शर्मा ने जिला निर्वाचन अधिकारी से स्वयं को इस जांच से अलग करने का अनुरोध किया।

इस पर जिला निर्वाचन अधिकारी शिवसहाय अवस्थी ने अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) बी प्रसाद को जांच की जिम्मेदारी सौंपी है। वहीं, उक्त बैठक में शामिल हुए बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षकों में खलबली मची हुई है। सूत्रों के अनुसार शिक्षकों को बचाने के लिए कुछ नेता भी सक्रिय हो गए हैं लेकिन, जानकारों का कहना है कि ये मामला आसानी से निपटने वाला नहीं है। क्योंकि, जिले में धारा 144 लागू होने पर भी बगैर अनुमति के आयोजित की गई उक्त बैठक में सौ से अधिक शिक्षक शामिल हुए थे। इसके अलावा भाजपा के नेताओं के शामिल होने की वजह से ये मामला कर्मचारी आचरण नियमावली का उल्लंघन भी माना जा रहा है। सपा प्रत्याशी की ओर से जिला निर्वाचन अधिकारी से उक्त बैठक के सीसीटीवी फुटेज मांगे गए थे। इस पर निर्धारित चार सौ रुपये शुल्क जमा कराकर फुटेज सपा प्रत्याशी को दे दिए गए हैं। सूत्रों के अनुसार सपा प्रत्याशी की ओर से अपने स्तर पर बैठक में शामिल शिक्षकों को चिह्नित करने का काम किया जा रहा है। इसमें बेसिक के कुछ शिक्षकों की मदद भी ली जा रही है। बाद में चिह्नित शिक्षकों की सूची कार्रवाई के लिए निर्वाचन आयोग को सौंपी जाएगी।

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