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बिजली कंपनी के ईई के लाॅकर से मिला ढाई किलाे साेना

ठेकेदार से 50 हजार की रिश्वत लेते पकड़े गए मप्र पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के एक्जीक्युटिव इंजीनियर विनय कुमार गुप्ता के दाे बैंक लाॅकर खाेले गए। इनमें 2 किला 447 ग्राम साेना और 3 किलाे 357 ग्राम चांदी मिली। साेने का एक बिस्किट व जेवर थे। इनकी कीमत करीब 54 लाख रुपए आंकी  गई है। वहीं चांदी की कीमत करीब 90 हजार रुपए है। लाेकायुक्त एसपी रामेश्वर सिंह यादव ने बताया कि अभी तक इतनी संपत्ति का खुलासा नहीं हुआ , जिससे यह कहा जा सके कि संपत्ति अधिकारी की आय  से अधिक है। कुछ और  चल-अचल संपत्ति की जानकारी मिली है। उसकी जांच चल रही है। उनके परिजन और  रिश्तेदाराें की जानकारी जुटाई जा रही है ताकि संपत्ति के बारे में सर्चिंग हाे सके। उधर, काेर्ट ने ईई गुप्ता की जमानत खारिज कर दी है।

उन्हें मप्र पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने ही सस्पेंड कर दिया था। सतना में पैतृक मकान, बैंक खाताें की मांगी जानकारी : लाेकायुक्त डीएसपी राजेश खेड़े एसबीआई  की मेन ब्रांच में ईई गुप्ता के लाॅकर की जांच करने पहुंचे थे। लाॅकर से साेना-चांदी के अलावा कुछ और सामान नहीं मिला। उनका सतना में पैतृक मकान है। उनके बैंक खाताें की जानकारी मांगी गई है। गुप्ता की दाे बेटियां हैं। बड़ी बेटी पुणे में जाॅब करती है। छाेटी बेटी साथ में ही रहती है। ईई गुप्ता मूलत: सतना के रहने वाले हैं। वे करीब 20 साल से बिजली कंपनी में नाैकरी कर रहे हैं। 11 साल से वे सागर जिले में ही पदस्थ हैं। उनकी सतना और  अन्य पदस्थापना वाले शहराें में संपत्ति का खुलासा हाे सकता है।

उनके मकराेनिया के दीनदयाल नगर स्थित बंगले की  शाम तक सर्चिंग चली। इसमें कुछ ज्यादा जेवर व नकदी नहीं मिला। उनकी पाॅलिसी, खाते, एफडी अादि की जांच चल रही है। उनके बंगले की कीमत करीब 20 लाख रुपए आंकी गई है। इस तरह अब तक करीब 75 लाख की संपत्ति ही सामने आई  है। ईई गुप्ता ने मीटर लगाने वाले ठेकेदार शिवहरी पांडेय से 10 लाख रुपए का बिल पास करने के बदले 5 परसेंट कमीशन के हिसाब 50 हजार रुपए की राशि ली थी। गुप्ता की मकराेनिया में पदस्थापना के बाद से ही ठेकेदार के बिलाें में अंड़गे डालना शुरू कर दिया था। ऐसा ना जा रहा है कि ईई काे यह शक था कि ठेकेदार पूर्व के अधिकारियाें काे कमीशन देकर काम कराता रहा है। लाेकायुक्त पुलिस की ट्रैप कार्रवाई के बाद एमपीईबी में चल रही घूसखाेरी व कमीशनबाजी उजागर हाे गई है। यहां पूर्व में पदस्थ अफसर भी जांच के घेरे में आ  सकते हैं। 



 

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