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बिन मौसम बारिश से बढ़ती जा रही है किसानों की परेशानी

अंचल में बिन मौसम हुई बारिश ने गर्मी से भले ही राहत दे दी हो, लेकि न अन्नदाताओं के लिए यह मौसम आफत बनकर आया है। अधिकांश खेतों में अभी कटी फसल पड़ी हुई है तो जिन कि सानों ने खरीदी के लिए अपनी फसलें कें द्रों तक पहुंचा दी है, उनकी फसल बारिश के कारण भीग जाने से कि सान चिंतित हैं। खरीदी कें द्रों पर इस समय खरीदी नहीं हो रही है और यहां फसलों को सुरक्षित करने के इंतजाम भी नहीं कि ए गए हैं।पिछले एक सप्ताह से रौद्र रूप दिखा रही गर्मी पर बादलों ने अपना असर दिखा दिया। मंगलवार से कई हिस्सों में शुरू हुई बूंदाबांदी का असर दूसरे दिन भी दिखाई दिया। बड़ामलहरा, नौगांव, लवकुशनगर, चंदला, गौरिहार, राजनगर, खजुराहो, घुवारा, बकस्वाहा और बिजावर में मौसम के करवट लेने से अंचलवासियों को गर्मी से राहत तो मिल गई लेकि न कि सानों के लिए बिन मौसम आई बारिश आफत साबित हो रही है। अधिकांश स्थानों पर कि सान अपने खेतों में खड़ी पकी फसलों की कटाई के बाद गहाई के लिए खलिहानों में रखे हुए थे।

थ्रेसिंग के इंतजार में रखी इन फसलों को बारिश से नुकसान पहुंचा है और कि सान अब आनन-फानन में फसलों को समेटने में जुटे हुए हैं। इधर जिले में गेहूं खरीदी कें द्र बनाए गए है, लेकि न अधिकांश कें द्रों में खरीदी शुरू नहीं हुई है। जिन कि सानों को मैसेज मिल चुके हैं उन्होंने अपनी फसलें कें द्रों में पहुंचा दी है। खरीदी कें द्रों में कोई सुरक्षा के इंतजाम न होने के कारण गेहूं खुले में पड़ा होने के कारण दो दिन से हो रही बूंदाबांदी में कि सानों को नुकसान पहुंचा है। मध्यप्रदेश शासन ने उचित मूल्य गेहूं खरीदी 15 अप्रैल से चालू कर दी थी, लेकि न छतरपुर जिले के कई कें द्रों पर खरीदी का दौर शुरू नहीं हुआ है। घुवारा तहसील क्षेत्र को ही लें तो यहां कि सानों को मजबूरन करीबन एक पखवाड़े से परेशान होना पड़ रहा है। कि सानों के मोबाइल पर मैसेज भी आ गए, लेकि न तुलाई के लिए कें द्र प्रभारी व्यवस्था नही बना पा रहे हैं। गौरतलब है कि मंडी परिसर घुवारा में तीन कें द्र बनाए गए है। दो कें द्र घुवारा में हैं जबकि एक कें द्र कु टौरा का मंडी परिसर में बना है। 15 अप्रैल से सैकड़ों कि सानों की हजारों क्विंटल फसल में से मात्र 339 क्विंटल गेहूं की तुलाई हो पाई है।

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