< खेतों में लहलहा रही थी फसल, आँख खुली तो जल कर रख हुए खेत Hindi News - Breaking News, Latest News in Hindi, हिंदी में समाचार, Samachar - Bundelkhand News 100 बीघा कृषि भूमि स्वाहा, 8 कि सानों का 15 लाख का नुकसान 

खेतों में लहलहा रही थी फसल, आँख खुली तो जल कर रख हुए खेत

100 बीघा कृषि भूमि स्वाहा, 8 कि सानों का 15 लाख का नुकसान 

एक ही दिन में पूरा हुआ सर्वे का कार्यसेंवढ़ा नगरीय सीमा से 10 कि लोमीटर दूर देभई में गेहूं की पकी में आग लग गई। अचानक हुई इस आगजनी की खबर सुबह 4 बजे लोगों को लगी। तो देभई सहित चार ग्रामों के लोगों ने अपने अपने संसाधनों से आग पर काबू पाने का प्रयास कि या। सेंवढ़ा एवं आलमपुर से फायर ब्रिगेड की मशीनें भी पहुंची और मौके पर एसडीएम एसडीओपी तहसीलदार सहित अधिकारी भी पहुंच गए। तेज हवाओं के चलते आग पर काबू पाने में दो घंटे से अधिक का समय लगा और तब तक 8 खेतों के कु ल 100 बीघा की फसल स्वाहा हो गई। घटना में 15 लाख के नुकसान का अनुमान है। प्रशासन ने सक्रियता दिखाते हुए महज 6 घंटे के अंदर नुकसान की रिपोर्ट भी तैयार कर ली है।देभई ग्राम में इस वर्ष अच्छी फसल हुई है। कि सानों के अनुसान प्रति बीघा 8 क्वंटल गेहूं का उत्पादन हुआ है। और यह पकी फसल लेबर की अनुपलब्धता एवं हारबेस्टर व्यस्त होने के कारण कटने में देरी का शिकार हो रही थी। कि सानों को अच्छी फसल की खुशी थी। कि सोमवार मंगलवार की दरम्यानी रात लगभग 3 बजे खेतों में आग लग गई। आग लगने की वजह स्पष्ट नहीं है।

जानकारी के अनुसार देभई ग्राम के पीछे तिघरा एवं खेरीभाट से लगे खेतों में अचानक आग लगी। आग सबसे पहले तिघरा से लगे अंगद राठौर के खेत में लगी। चुंकि सोमवार रात से ही तेज हवाओं का दौर जारी था ऐसे में आग ने कु छ ही क्षंणो में अपना दायरा विकराल कर लिया। आग लगने की खबर सबसे पहले तिघरा एवं खेरीभाट के लोगों को लगी। चुंकि े खेत देभई निवासियों के थे इसलिए फोन के माध्यम से देभई सूचना भेजी गई। आग लगने की सूचना रोजगार सहायक रीतेश शर्मा ने अधिकारियों को दी। जिसके बाद सेंवढ़ा एवं आलमपुर से फायर ब्रिगेड रवाना कर दी गई। पर ग्रामीणों ने कि सी गाड़ी का इंतजार कि ए बगैर पानी एवं अन्य संसाधनों का उपयोग कर आग पर काबू पाने का प्रयास कि या। आग तेजी से देभई गांव की ओर बड़ रही थी जो कि अधिक खतरनाक सेंके त थे। इसकी भीषणता को देखते हुए तीनों ग्रामों के एक हजार से अधिक लोग इसे बुछाने में जुट गए। आग के दौरान बिजली की लाइनें बंद कर दी गईं थी ऐसे में निज पंप चलना संभव नहीं था पर लोगों ने खुद के वर्तनों का उपयोग कि या।

और सुबह 5 बजे तक आग पर काबू पाया जा सका। इस बीच सेंवढ़ा एसडीएम राके श परमार, एसडीओपी नरेंद्र सिह गहरवार, प्रभारी तहसीलदार सुनील भदोरिया, मयंक तिवारी मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों को आता देख जिन लोगों के खेतों में आग लगी थी उनका रुदन टूट पड़ा। ग्रामीणों ने जले खेत में पके गेहूं के अवशेष अधिकारियों को दिखाऐ। एसडीएम श्री परमार ने लोगों को आश्वासन दिया कि आरबीसी के प्रावधानों के अनुसार जो भी मदद होगी उन्हें दी जाएगी।आग से कु ल 8 खेत प्रभावित हुए। ग्रामीणों ने बताया कि 100 बीघा कृषि भूमि में पकी हुई फसल नष्ट हो गई। प्रति बीघा 8 क्वंटल का उत्पादन होने के कारण लगभग 800 क्वंटल गेहूं बर्बाद हो गया। कृषि विस्तार अधिकारी के सी शर्मा, राजस्व निरीक्षक भगवती शिल्पकार एवं पटवारी सुरेंद्र परमार ने लोगों के वयान एवं खेतों की नाप जोख प्रारंभ कर दी। उनके अनुसार राजस्व सर्वे क्रमांक 280, 281, 289/1, 289/2, 290, 291/1, 291/2, 291/3 एवं 291/4 में लगी फसल पूरी तरह जल गई। इसमें विनोद पुत्र राजस्वरुप शर्मा, रमेश उर्फ मुंशी मास्टर पुुत्र रामनारायण शर्मा, प्रेमनारायण पुत्र राजाराम शर्मा, नीरज पुत्र अवध बिहारी, सत्तेंद्र चैधरी, शैलेंद्र चैधरी पुत्र सुभाष चैधरी, वीरेंद्र पुत्र अंगद राठौर, उमा पत्नी रामस्वरुप तिवारी, संदीप पुत्र अवध बिहारी, जगदम्बा शर्मा आदि का सर्वाधिक नुकसान हुआ है।

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