पढ़ने का अनूठा जज्बा, पैर से लिख कर छात्रा ने दी परीक्षा

बेमिसाल हौसले और जज्बे की धनी ममता पटेल को पढ़ाई का जुनून है। जन्म से ही एक हाथ नहीं है। दूसरा हाथ अविकसित होने के साथ ही मात्र एक अंगुली लिए है।वह इन दिनों महाराजा कॉलेज छतरपुर से बीए प्रथम वर्ष की वार्षिक परीक्षाएं दे रही हैं। उत्तर लिखने का काम पैर की अंगुलियों से करती हैं। सामान्य कृषक देशराज पटेल की बेटी ममता अपनी इस कमी के लिए ईश्वर को दोष नहीं देती।मानना है कि दिव्यांगता उसे अपना लक्ष्य पाने को ही प्रेरित करती है। पढ़ाई के प्रति चाहत को देखते हुए उसके चाचा उसे हर पेपर में 18 कि मी दूर तलवां परा से परीक्षा दिलाने कॉलेज लाते-ले जाते हैं। ममता ने बताया कि वह पढ़ लिखकर सरकारी नौकरी करना चाहती है, ताकि उसका भविष्य अच्छा बन सके । अपने पैरों पर खड़े होकर अपने माता-पिता की चिंता दूर कर सके ।