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कुछ विभाग अभी भी पुराने ढर्रे में कायम

सूबे में सत्ता परिवर्तन का असर पहले महीने तो खूब दिखाई दिया। अफसरों की लेटलतीफी तो बंद हुई ही है, कार्यशैली में भी बदलाव आया है। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार अपराधों में भी कमी दर्ज की गई। वहीं अग्निकांड पीड़ितों को 15 दिन के अंदर ही मुआवजा भी दे दिया गया। हालांकि खलिहान अग्निकांड का भुगतान अभी नहीं हुआ है। कुछ विभाग अभी भी पुराने ढर्रे पर कायम है। एक महीने पहले जिले के अधिकांश विभागों में अधिकारियों का कोई पता नहीं चलता था।

सूबे में सत्ता परिवर्तन हुआ और योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री की कुर्सी पर आसीन हुए तो जिले में अफसरों की फितरत बदल गई। अधिकांश दफ्तरों में सुबह दस बजे ही अधिकारी पहुंच रहे हैं। तय समय तक जनता को सुनने के बाद अन्य विभागीय कार्यों को निपटा रहे हैं। अधूरे पड़े कलेक्ट्रेट भवन के निर्माण में भी तेजी आई है। पुराने भवन को तेजी से गिराया जा रहा है। इसके अलावा अधिकारी स्थलीय निरीक्षण के लिए भी कड़ी धूप में पसीना बहा रहे हैं। स्वच्छ भारत अभियान को भी गति मिली है।


जिले में अपराधों में भारी गिरावट

15 मार्च से 15 अप्रैल 2016 की तुलना में इस वर्ष 15 मार्च से 15 अप्रैल तक अपराधों में भारी गिरावट आई है। पिछले वर्ष इस महीने में 7 लूट हुई थीं, जो कि इस बार केवल एक ही हुई। चार हत्या के मुकाबले इस बार केवल दो हत्याएं हुई। पिछले वर्ष छह वाहन चोरी हुए थे इस बार केवल तीन ही चोरी हुए हैं। पिछले वर्ष 12 अन्य चोरी की घटनाएं हुई थीं, इस बार केवल पांच हुई हैं। पिछले वर्ष 2 बलात्कार की घटनाएं हुई थीं, लेकिन इस बार एक भी नहीं। महिला उत्पीड़न की 17 घटनाओं के सापेक्ष इस बार केवल दो ही दर्ज हुई हैं। पुलिस ने तीन बूचड़खाने बंद कराए और एंटी रोमियो स्क्वाड ने सात लोगों के खिलाफ कार्रवाई की।


चार लोगों को दिया गया मुआवजा

चार अग्निकांड पीड़ितों को गृह अनुदान राशि के तहत घटना के 15 दिनों के अंदर मुआवजा आवंटित कर दिया गया। इसमें रामकरन व उसके भाई शिवशरण निवासी पतारा को 3200-3200 रुपए, रामप्यारी पत्नी रमेश पत्योरा को 3200 रुपए और सुषमा पत्नी सुनील निवासी थोक गुरुगुज, सुमेरपुर को 28,800 रुपए का अनुदान दिया गया। इनके घर पर अत्यधिक क्षति हुई थी। यह घटनाएं 26 मार्च से 6 अप्रैल के बीच की हैं।


कुछ पुराने ढर्रे पर हैं विभाग

तमाम सख्ती के बावजूद अभी भी कई विभाग पुराने ढर्रे पर काम कर रहे हैं। इसमें जलनिगम, नगर पालिका, पूर्ति विभाग प्रमुख हैं। नगर पालिका क्षेत्र में दोपहर तक कूड़ा ही नहीं उठाया जाता है। तब तक अन्ना मवेशी उसे फैलाकर बिखेर देते हैं।


अशोक कुमार त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक ने बताया कि अपराधों पर पूरी तरह से नियंत्रण लगाया गया है। सभी थानों में साफ-सफाई अभियान भी चलाया गया है।


डा. राजेश कुमार प्रजापति, अपर जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की मंशानुरूप कार्य किया जा रहा है। सभी अधिकारी समय से अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करें। अन्यथा उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

 



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