?> आसमान से बरसने लगी आग, जनजीवन हुआ बेहाल बुन्देलखण्ड का No.1 न्यूज़ चैनल । बुन्देलखण्ड न्यूज़ अप्रैल के दूसरे पखवारे में बुंदेलखंड की धरती तपने लगी है। आसमान "/>

आसमान से बरसने लगी आग, जनजीवन हुआ बेहाल

अप्रैल के दूसरे पखवारे में बुंदेलखंड की धरती तपने लगी है। आसमान से सूरज भी आग उगल रहा है। ऐसे में लोग अभी से बेहाल होने लगे हैं। भयंकर गर्मी के मद्देनजर जिला प्रशासन ने भी अपनी तैयारी शुरू करते हुए आम-जनमानस के लिए गाइडलाइन जारी की है। गुरूवार को सुबह से ही सूरज के तेवर तल्ख हो गए थे। दोपहर में करीब एक बजे के बाद पारे का स्तर चढ़कर 44.02 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। इससे ऐसा लग रहा था कि मानों आसमान से आग बरस रही हो।

हमेशा भीड़ से भरे रहने वाले चैराहों पर इक्का-दुक्का लोग ही दिखाई दे रहे थे। अधिकांश लोग घरों में ही बैठने को मजबूर हो गए। मजबूरी में जो लोग घरों से बाहर निकले तो वह थोड़ी-थोड़ी दूर पर स्थिति छांव की तलाश कर रहे थे। गला तर करने के लिए हैंडपंप आदि का सहारा ले रहे थे। उधर लोगों को रात में भी गर्मी से राहत नहीं मिली। रात में तीन बजे के करीब पारे का न्यूनतम स्तर 36.02 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। उधर हीट वेव (लू) की वजह से शरीर की कार्य-प्रणाली प्रभावित हो जाती है। जिससे मौत हो सकती है। लू से लोगों को सुरक्षित रहना बहुत जरूरी है। लू से बचने के लिए थोड़ी सी सावधानी को अपनाकर इससे बचा जा सकता है। इसकी जागरूकता के लिए प्रशासन की ओर से गाइड लाइन भी जारी की गई है।

कंट्रोल रूम खुला कर्मचारी तैनात
कर्मचारी मोबाइल नंबर समय
नरेंद्र सिह 9651525260 सुबह 8 से दोपहर 3 बजे।
श्वेता सिह 7668583489 सुबह 8 से दोपहर 3 बजे।
रावेंद्र सिह 9453019002 दोपहर 3 से रात 12 बजे तक।

लू से ऐसे करे बचाव

डा0 आर0एस0 यादव का कहना है कि अधिक से अधिक पानी पिएं। पसीना सोखने वाले पतले व हल्के रंग के वस्त्र पहने। धूप से जाने से बचे, यदि धूप में जाना जरूरी हो तो चश्मे, छाते, टोपी आदि का प्रयोग करें। खुले मे जाने से पहले हाथ व चेहरे को गीले कपड़े से ढके। यात्रा में निकलने से पहले अपने साथ पर्याप्त पानी रखें। ओआरएस का घोल व घर में बने पेय पदार्थ जैसे लस्सी, चावल का पानी, नींबू-पानी, छाछ आदि का सेवन करें। मूर्छा या बीमारी का अनुभव करते हो तो तुरंत डाक्टर की सलाह लें। घरेलू व पालतू जानवरों को छायादार स्थानों पर रखे व उनको पर्याप्त मात्रा में पानी पिलाए। गर्भवती महिलाओं, छोटे शिशुओं व बड़ी उम्र के लोगों की विशेष देखभाल करें। गहरे रंग के भारी व कसे कपड़ों को पहनने से बचें। जब बाहर का तापमान अधिक हो तो श्रम न करें।