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मौसम के बदलाव ने संक्रामक बीमारियों के मरीजों की संख"/>

मरीजों से पटे अस्पताल, एक वेड पर दो-दो का हो रहा उपचार

मौसम के बदलाव ने संक्रामक बीमारियों के मरीजों की संख्या एक बार फिर बढा दी है। रोजाना जिला अस्पताल की ओपीडी में एक हजार से अधिक मरीज इलाज के लिये पहुंच रहे है। गम्भीर हालत में उन्हें वार्डो में भर्ती किया जा रहा है। हालात यह है कि एक-एक वेड पर दो-दो मरीजों को लिटाकर उपचार किया जा रहा है।

भीषण गर्मी व लू के साथ संक्रामक बीमारियों ने अपने पैर पसार लिये। अस्पताल खुलने से पहले ही मरीजों की भारी भीड जमा हो रही है। पर्चा बनवाने व दवाईयां लेने में लोगों को घण्टों अपनी बारी का इंतजार करना पड रहा है। चिकित्सकों के अपने कक्षों से अक्शर गायब रहने के चलते मरीज प्राईवेट क्लीनिकों का सहारा लेने को मजबूर है। गम्भीर हालत में मरीजों को इमरजेन्सी के साथ ही वार्डो में भर्ती किया जा रहा है। छह दर्जन वेड वाले जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या अधिक होने के चलते एक-एक वेड पर दो-दो मरीजों का उपचार किया जा रहा है।

उल्टी दस्त, बुखार व पेट दर्द से सम्बन्धित मरीजों की इस समय भरमार है। जिला अस्पताल में तैनात कर्मचारी रात्रि में मरीजों की न तो बोतल बदलने आते है और न ही बन्य बोतल लगाते है। इस बात की कई बार शिकायत कर्मचारियों व विभागीय अधिकारियों से शिकायत दर्ज कराने के बाद भी कोई ध्यान नही दिया जा रहा है। उधर जिला अस्पताल के सीएमएस डाॅ उदयवीर सिंह का कहना है कि अस्पताल आने वाले मरीजों का उपचार प्राथमिकता के साथ किया जा रहा है। यदि किसी को कोई समस्या है तो वह अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं उनका निराकरण शीघ्र ही करवा दिया जायेगा।

 



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