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बिजनेस टायकून से गिरफ्तारी तक ये है माल्या की कहानी

पॉलिटिशियन, सहारा फोर्स इंडिया, रॉयल चैलेंजर्स, मैक्डोवेल, मोहन बगान, किंगफिशर और ईस्ट बंगाल के मालिक रहे विजय माल्या का जन्म 18 दिसंबर, 1955 को हुआ था। कोलकाता में पैदा हुए माल्या के पिता विठ्ठल माल्या भी देश के जाने-माने कारोबारी थे।

उनकी माता का नाम ललिता रमैया है। माल्या को शराब का बिजनेस पिता विट्ठल माल्या से विरासत में मिला था। उन्होंने देश के प्रतिष्ठित मैनेजमेंट संस्थानों से लोगों को चुना और इस शराब उद्योग को एक कॉरपोरेट रूप दिया। आज माल्या की इमेज एक डिफॉल्टर के रूप में बन गई है। लिकर किंग के नाम से मशहूर विजय माल्या व्यापार से ज्यादा अपनी लग्जरी लाइफ, दौलत और शोहरत को लेकर चर्चा में रहते थे।
 

माल्या पर अपनी कंपनी यूनाइटेड ब्रेवरीज को दुनिया की सबसे बड़े शराब कंपनी डियाजियो को बेचने के बाद आरोप लगा था कि उन्होंने 7000 करोड़ रुपये से अधिक की हेराफेरी की है। यह आरोप डियाजियो ने कंपनी के फाइनेंस की जांच के बाद लगाया जिसके बाद देश के सरकारी बैंकों को एहसास हुआ कि माल्या की इस हेराफेरी का असली नुकसान दरअसल उन्हें हुआ है।

शराब कारोबारी विजय माल्या का इंग्लैंड से प्रत्यर्पण कराने के लिए गृह मंत्रालय ने विदेश मंत्रालय को अदालत से जारी नोटिस दे दिया है। गृह मंत्रालय ने विदेश मंत्रालय को मुंबई स्पेशल कोर्ट का वह आदेश दिया है जिसमें प्रवर्तन निदेशालय ने इंडिया-यूके म्यूचुअल लीगल एसिसटेंस ट्रीटी (एमलैट) के तहत विजय माल्या को मामले में पेश होने के लिए अपील की थी।

 

शराब कारोबारी विजय माल्या का इंग्लैंड से प्रत्यर्पण कराने के लिए गृह मंत्रालय ने विदेश मंत्रालय को अदालत से जारी नोटिस दे दिया है। गृह मंत्रालय ने विदेश मंत्रालय को मुंबई स्पेशल कोर्ट का वह आदेश दिया है जिसमें प्रवर्तन निदेशालय ने इंडिया-यूके म्यूचुअल लीगल एसिसटेंस ट्रीटी (एमलैट) के तहत विजय माल्या को मामले में पेश होने के लिए अपील की थी।

मनी लॉन्डरिंग केस की जांच कर रही मुंबई स्पेशल कोर्ट ने फरवरी में प्रवर्तन निदेशालय के अनुरोध को मंजूरी दे दी थी। प्रवर्तन निदेशालय ने कोर्ट से भारत और यूके के बीच एमलैट का सहारा लेते हुए विजय माल्या को भारत लाने की इजाजत मांगी थी।

सरकारी सूत्रों के मुताबिक यह कदम इसलिए उठाया गया है जिससे विदेश मंत्रालय जल्द से जल्द विजय माल्या के प्रत्यर्पण के लिए इंग्लैंड की सरकार के सामने अपना पक्ष रख सके। भारत सरकार के अनुरोध पर माल्या को गिरफ्तार किया गया है। विजय माल्या ने 16 बैंकों का 9000 करोड़ रु अभी तक नहीं चुकाया है।