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तीन लाख इक्कीस हजार बच्चो का किया जायेगा टीका करण

टीका करण में सभी की सहभागिता जरूरी है- डॉक्टर एल.के. तिवारी

विद्यालयो, आगनवाडी केन्द्रो तथा शाला त्यागी बच्चो को लगेगें टीके

मीजल्स एवं रूबेला बीमारी से बचाव के लिए आगामी 15 जनवरी 2019 से टीकाकरण अभियान प्रारंभ किया जाना है। इस अभियान के संबंध में जानकारी देने के लिए गुरूवार को प्रशिक्षण केन्द्र जिला अस्पताल पन्ना में मीडिया कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में बताया गया कि इन दोनों बीमारियों के लिए एक ही प्रकार का टीका लगाया जाना है।

यह टीका लगने के बाद आगामी 20 वर्षो तक रोग प्रतिरोधक क्षमता को बनाए रखता है। इस टीके के लगने से जन्म लेने वाले बच्चों में बहुत सारी बीमारियां को रोका जा सकता है। यदि किसी माता के बचपन में मीजल्स अथवा रूबेला की बीमारी होती है तब उसके जन्म लेने वाले बच्चों में कई तरह की बीमारियां एवं विकृतियां पायी जाती हैं।

इन सबसे बचाव के लिए जरूरी है कि शत-प्रतिशत जीरो से 15 साल उम्र के बच्चों को टीका लगवाया जाए। कार्यशाला में लोगों की भ्रांतियां दूर करते हुए बताया गया कि यह टीका देश में गत वर्ष 2017 से चलाया जा रहा है। अब तक 20 करोड से अधिक बच्चों को यह टीका लगाया जा चुका है। अब इस टीका अभियान को मध्यप्रदेश में प्रारंभ किया गया है।

आगामी 15 जनवरी 2019 से टीकाकरण प्रारंभ किया जाएगा। टीकाकरण का शुभारंभ चिकित्सा संस्थाओं से जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में किया जाएगा। इसके उपरांत यह टीका आंगनबाडी केन्द्रों, सभी शासकीय, अशासकीय शिक्षण संस्थानों में लगाने के साथ-साथ झुग्गी बस्तियों एवं घुमक्कड जातियों के डेरों पर पहुंच कर भी टीका लगाया जाएगा।

टीकाकरण के लिए तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं। प्रत्येक आंगनबाडी एवं शिक्षण संस्थाओं में दर्ज बच्चों की जानकारी प्राप्त की गयी है। इस दर्ज बच्चों की संख्या के अनुसार जब तक टीका नही लग जाते तब तक निरंतर छुटे हुए बच्चों को टीके लगाए जाएंगे जिससे शत प्रतिशत बच्चों का टीकाकरण किया जा सके।

कार्यशाला में विस्तारपूर्वक चर्चा करते हुए डॉ. एल.के. तिवारी द्वारा मीडिया कर्मियों की शंकाओं का समाधान किया गया। उनके द्वारा बताया गया कि टीका लगने से किसी भी तरह का कोई विपरित लक्षण दिखाई नही देता यदि किसी भी बच्चे को बुखार आदि के लक्षण दिखाई देते हैं तो निकटतम स्वास्थ्य संस्था अथवा स्वास्थ्य कार्यकर्ता से सम्पर्क स्थापित किया जा सकता है। सम्पन्न हुई इस कार्यशाला में जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. बृजेश गुप्ता, विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रतिनिधि तथा प्रिंट एवं इलेक्ट्रानिक मीडिया के प्रतिनिधिगण उपस्थित रहे। 

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