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शिव ही काम -मोक्ष के दाता और माया तूं है बड़ी ठगनी

केंद्रीय विशवविद्यालय घाटी पर स्थित श्री दददू दरबार मंदिर में चल रही ग्यारह दिवसीय शिव महापुराण का पारायण करते हुए कथाचार्य पं.दिनेश आचार्य ने कहा कि भगवान शिव ही काम एवं मोक्ष के दाता है तथा माया बहुत ठगनी है शिव ही कामेंद्र है वहीं कामना एवं वासना को पूर्ण एवं नाश करते है।

उन्होंने बताया कि तीर्थो में पापाचार बढ़ने के कारण भगवान शिव ने अपने बक्षस्‍थल से कासी बनारस को उत्तपन्न कर उसे काम,क्रोध एवं लोभ के त्रि-शूल पर स्थापित किया शिव माता अन्नपूर्णा के साथ वहा प्रतिदिन निवास करते है तीर्थराज कासी कभी शंखाकार और कभी चंद्राकार होती है यही गोस्वामी तुलसीदास ने रामचरितमानस की रचना की और कासी के बारह स्थानों पर हनुमान जी की स्थापना की ओर अस्सी घाट पर अपनी देह त्यागी।

डाॅ.आचार्य ने कहा कि शिव महिमा का बखान वाणी से संभव नहीं है व्यक्ति को जीवन में एक बार  कासी विश्वनाथ अवश्य जाना चाहिए तथा बिल्व वृक्ष की जड़ में जल चड़ा कर दीपक जलाना चाहिए श्री शिव महापुराण को अत्यंत दुर्लभ बताते हुए 31 दिसंबर को शिव-पार्वती विवाह का आयोजन करने की घोषणा की।

इस अवसर पर पं.रामदास मिश्रा,टीकाराम यादव,दिनेंद्र पांडे,भूपेंद्र लॉज,नरेश यादव,पूर्वी पटेल,शेरा विश्वकर्मा,अन्नू पटेल,लल्लू रजक,एवं शुभी पटेल इत्यादि उपस्थित रहे।

 

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