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रेलवे स्टेशनों में बिकने वाले पानी में जमकर हो रही है लूट, 5 रूपये अधिक बेचा जा रहा पीने का पानी

इस समय पूरा उत्तर भारत भीषण गर्मी कीचपेट में है । दिन में आग की लपटों ने आम लोगों का बाहर निकलना तक दूभर कर दिया है । वहीं दूसरी ओर लगातार तापमान बढ़ने के कारण पानी का संकट भी गहराता जा रहा है । गर्मी बढ़ने के कारण सबसे ज्यादा दिक्कत का सामना रेल से सफर कर रहे यात्रियों को करना पड़ता है । वैसे तो देश के अधिकांश रेलवे स्टेशनों में पीने का पानी प्रिंट रेट से अधिक रूपये में बेंचा जा रहा है लेकिन NCR के तो लगभग सभी स्टेशनों में पीने का पानी ज्यादा रेट में बेंचा जा रहा है ।

सबसे खास बात ये है कि इन तमाम स्टेशनों में ऐसी भी बहुत सी कंपनियों का पानी का बोतल धड़ल्ले से बिक रहा है जिन्हें रेलवे द्वारा परमिट ही नही है । अवैध रूप से बिक रहे पानी के इन बोतलों में ठेकेदारों द्वारा जमकर कमाई की जा रही है । रेलवे से जुड़े सूत्रों की मानें तो इसका पैसा ऊपर तक जाता है । जब हमने स्टेशनों पे मौजूद कुछ स्टाल मालिको से बात की तो उन्होंने कहा कि क्या करें बचत ही नही होती इसलिए प्रिंट रेट से 5 रूपये अधिक बेचना पड़ता है । यात्रियों का कहना है कि क्या करें इतनी गर्मी पड़ रही है कि हमे प्रिंट रेट से ज्यादा में खरीदना पड़ता है । एक बार दुकानदार से कहते भी हैं लेकिन उनका साफ़ कहना होता है कि लेना हो लीजिये नही तो जाइये । जानकारी के लिए आपको बता दें इन तमाम स्टेशनों पर पीने के पानी का बोतल 15 रूपये (प्रिंट रेट) की जगह पर 20 रूपये पर बेंचा जाता है ।

दरअसल स्टेशनों पर बिकने वाला पानी का बोतल यात्रियों के लिए इसलिए भी खास मायने रखता है क्योंकि अधिकांश स्टेशन परिसर में रेलवे पीनेे के पानी की व्यवस्था करता तो है लेकिन गर्मी आते ही सारी व्यवस्था ठप्प हो जाती है । अगर दूसरे शब्दों में कहें तो पूरी व्यवस्था स्टेशन में मौजूद उन तमाम स्टालों को सौंप दी जाती हैं जहाँ पीने के पानी का बोतल उच्च दरों में बेंचा जाता है । यानि व्यवस्था इसलिए बदल दी जाती है जिससे उस व्यवस्था को भी लाभ हो।

बहरहाल यात्रियों से पीने के पानी के नाम पर हो रही ये लूट उन अधिकारियों के नाक के नीचे हो रही है जिन्हें इसे रोकना का जिम्मा सौंपा गया है । ठेकेदारों का हौसला देखकर तो स्पष्ट हो जाता है कि इनकी पहुँच तो ऊपर तक है । लेकिन इस पूरे लूटतंत्र के बीच उन यात्रियों का क्या होगा जिनके पास बोतल खरीदने के लिए भी रूपये नही होते । शायद उन्हें अच्छे दिनों के लिए और इन्तजार करना पड़ेगा ।

About the Reporter

  • अनुज हनुमत

    5 वर्ष , परास्नातक (पत्रकारिता एवं जन संचार)

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