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तेंदुए के पकड़ से बाहर निकलने को लेकर गांवों में दहशत का माहौल

सात ग्रामीणों को घायल करने वाले तेंदुए को पकड़ने के लिए कानपुर से बुलाई गई टीम घटना के 12 घंटे बाद मौके पर पहुंची। वहीं रात का फायदा उठाकर तेंदुआ नियत स्थान से निकल गया। तेंदुए के पकड़ से बाहर निकलने को लेकर क्षेत्र के गांवों में भी दहशत का माहौल है।

हालांकि पांच सदस्यीय टीम वन विभाग के कर्मचारियों के साथ तेंदुए की तलाश में जुटी है। रविवार सुबह फत्तेपुरवा गांव में तेंदुए ने आक्रमण कर सात ग्रामीणों को घायल कर दिया। सूचना पर पहुंचे डीएफओ व सीओ मौदहा के साथ एसडीएम सदर द्वारा सलाह कर तेंदुए को पकड़ने के लिए कानपुर से टीम को बुलाया।

वहीं महोबा व बांदा से जाल मंगाए गए। पांच टीम रास्ते में जाम के चलते मौके पर 12 घंटे बाद रात आठ बजे पहुंच सकी। वहीं दिन भर एक नियत स्थान में देखा गया तेंदुआ रात में वहां से निकल गया। टीम को मौके से तेंदुआ नदारद मिला। तेंदुए को पकड़ने को दो बकरे और दो जाल लगाए गए हैं।

डीएफओ संजीव कुमार ने बताया कि तेंदुए को पकड़ने के लिए जाल बुना गया है। यदि वह आसपास है तो उसके जाल में फंसने की संभावना है। बताया कि रात में तेंदुए के देखने की क्षमता दिन की अपेक्षा 10 गुना बढ़ जाती है। दिन में उसने मवेशी का मांस खाया है। जिससे उसके अभी शिकार करने की कम संभावनाएं हैं। रात में वह ज्यादा से ज्यादा 30 से 35 किमी दूर तक जा सकता है। कहा कि तेंदुए को पकड़ने के लिए दिन में सर्च आपरेशन चलाया जाएगा।

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