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बेटी को मुर्दा बताने वाला पिता जेल जायेगा: डीआईजी

छह माह पहले ससुराल से गायब हुई बेटी को मुर्दा बताकर हत्या का आरोप ससुरालीजनों पर मढ़कर उन्हे जेल भेजने की साजिश रचने वाले पिता को जेल भेजा जायेगा। यह बात चित्रकूट धाम परिक्षेत्र के डीआईजी मनोज तिवारी ने मुर्दा घोषित युवती के बरामद होने पर गुरूवार को पूंछे गये सवाल के जवाब में कही।  

उन्होने कहा कि अपनी बेटी की हत्या का आरोप ससुरालीजनों पर लगाकर पिता ने ससुराली जनो खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया और यह जानते हुये भी कि बेटी उसकी जिंदा है और दिल्ली में है फिर भी उन्हे जेल भिजवाने की साजिश रची। जो एक गंभीर आरोप है।

इस मामले में दोषी पिता के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जायेगा। बताते चले नरैनी थाना क्षेत्र के गढिहा डेरा शिवपुर करतल निवासिनी सोनू यादव पुत्री राजकरन, मर्का थाना क्षेत्र के ग्राम गौरीतला में कमलेश पुत्र राजकुमार को ब्याही थी । सोनू ससुराल से 8-9 मई को अपने प्रेमी के साथ घर से चली गयीं, जिसकी सूचना मर्का थानें को ससुरालीजनों ने दी। साथ ही लडकी पक्ष को भी अवगत कराया।

इस पर लडकी पक्ष बिना किसी सबूत के सोनू की हत्या कर देने का आरोप लगानें लगे। कुछ दिनों बाद 21 मई 2018 को कमासिन थाना क्षेत्र के नारायनपुर में अधजली लाश पडी मिली, जिसकी पहचान हेतु सीओ बबेरू नें लडकी पक्ष के लोगों को बुलाया।

जिसमें लडकी के पिता नें यह पुष्टि की हाँ यही हमारी लडकी है और 31 मई 2018 को दहेज और हत्या की धाराओं में ससुराल पक्ष के लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया। जिस पर कार्यवाही करते हुये कमासिन थानाध्यक्ष नें राजकुमार और पुत्र कमलेश को गिरफ्तार कर लिया। 
 

संपत पाल का प्रयास

मामला गुलाबी गैंग की कमाण्डर सम्पत पाल तक पहुँचा तो सम्पत पाल ने कमासिन थाना पहुँच कर लडकी की शिनाख्त की बात कही। जिस पर थानाध्यक्ष नें सीओ व एसपी साहब का  हवाला देते  हुये रिपोर्ट दर्ज करने की बात कही  थी। लेकिन संपत पाल ने हिम्मत नही हारी उसने कहा कि जो लाश बरामद हुई है वह सोनू की नही है। बल्कि किसी ओर की है।  पुलिस चाहे तो इसका डीएनए परीक्षण करा सकती है। संपत पाल ने बुधवार को बताया कि मैने जब इस मामले को डीआईजी के सामने रखा और उनसे कहा कि ससुरालीजनों को इस मुकदमें में फिलहाल जेल न भेजा जाये तब तक मै गायब हुई लड़की का पता लगाउंगी। संपतपाल ने बताया कि दो महीने की कड़ी मेहनत के बाद हमने पता लगा लिया की लड़की दिल्ली में है और इसकी जानकारी पुलिस को दी। बाद में पुलिस टीम ने 29 अक्टूबर को दिल्ली में बरामद कर लिया।
 

डीआईजी ने की पुष्टि

डीआईजी ने इस बात की पुष्टि करते हुये बताया कि 8-9 मई को गायब हुई युवती के मामले में आरोपी ससुरालीजनों ने मुझसे मुलाकात की थी, और बताया था कि लड़की जिंदा है, हमें फंसाया गया है। इस पर पुलिस की टीम बनाई गयी थी जिसने मृत घोषित लड़की को दिल्ली में बरामद कर बुधवार को न्यायालय में पेश किया। जिसके कलमबंद बयान हो गये है। अब इसमें झूठी रिपोर्ट लिखाने वाले पिता के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जायेगा। उधर कमासिन थानाध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह यादव ने बताया कि जिस महिला की लाश बरामद होने पर ससुरालीजनों को आरोपी बनाया गया था। अब नये सिरे से विवेचना होगी।  

 

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