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इस बार सर्दी नहीं बाँध पाएगी ट्रेनों की स्पीड

लोको पायलट्स के हाथ में होंगे फॉग पास डिवाइस

आगे के 3 गेट्स की दूरी और सिग्नल की रियल टाइम जानकारी देगा

सर्दी की वजह से ट्रेन लेट न हो, इसके लिए रेलवे ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है। दिसम्बर से पहले आरडीएसओ द्वारा निर्मित फॉग पास डिवाइस मण्डल के लोको पायलट्स के हाथ में दे दिये जाएंगे। ये डिवाइस आगे के गेट्स से सम्बन्धित जानकारी डिस्प्ले करता है, जिस वजह से ट्रेनों को सामान्य रफ्तार से चलाया जा सकता है।

सर्दी में कोहरे की वजह से दृश्यता बाधित होती है। इस कारण गेट के सिग्नल को लेकर असमंजस की स्थिति बन जाती है। चूँकि रेलवे की प्राथमिकता सुरक्षा है, इसलिए लोको पायलट्स ट्रेनों को गति धीमी कर लेते हैं। कई बार स्थिति सा़फ न होने पर ट्रेन को रोकना भी पड़ जाता है। इस स्थिति से निपटने के लिए आरडीएसओ (रिसर्च डि़जाइन ऐण्ड स्टैण्ड‌र्ड्स ऑर्गनाइ़जेशन) ने फॉग पास डिवाइस तैयार किये गये हैं। ये लोको पायलट को आगे के गेट की दूरी और सिग्नल की जानकारी पहले ही दे देते हैं।

इस कारण स्थिति सा़फ होती है और ट्रेन उस हिसाब से चलायी जा सकती है। ये डिवाइस पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर सफल साबित हुए हैं, इसलिए इनके वितरण मण्डल में इसी सर्दी से पहले करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके अलावा सर्दी में रेल फ्रैक्चर की सम्भावना अधिक होती है, इसलिए ब्लॉक वाली जगह पर कार्यरत गैंगमेन को वॉकी-टॉकी भी दिये जाएंगे, ताकि उन्हें अप व डाउन मार्ग पर आने वाली ट्रेनों की जानकारी पहले से हो।

ऐसे काम करता है डिवाइस

फॉग पास डिवाइस ट्रांस्मीटर सिस्टम पर काम करता है। रेलवे ट्रैक पर बने एलसी गेट्स को लैण्डमार्क (पहचान) बनाया जाता है और इसमें एक ट्रांस्मीटर लगा दिया जाता है। यह ट्रांस्मीटर गेट आगे के तीन गेट्स तक की दूरी और गेट के सिग्नल को एक रिसीवर पर ट्रांस्मिट (प्रसारित) कर देता है, जो लोको पायलट के पास होता है। लोको पायलट को सिग्नल की जानकारी होती है, इसलिए उसे ट्रेन को धीमा या रोकना नहीं पड़ता है। ये डिवाइस खास तौर पर सर्दी के लिए तैयार किये जाते हैं, इसलिए इन पर मौसम का कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। जिस सिग्नल से जानकारी न आए, पता चल जाता है कि वहाँ कोई गड़बड़ी है, जिसे तत्काल सुधारा जा सकता है।

लोको पायलट्स और गैंगमेन्स रहेंगे सम्पर्क में

ट्रैक में कोई गड़बड़ी होने पर वहाँ ब्लॉक ले लिया जाता है। गैंगमेन इसकी सूचना सम्बन्धित स्टेशन मास्टर को देते हैं, जिनके माध्यम से कण्ट्रोल रूम, लोको पायलट्स व गार्ड के बीच सम्पर्क होता है। अब रेलवे गैंगमेन को भी वॉकी-टॉकी देने जा रहा है, ताकि उनके ट्रैक पर होने की सही सूचना ट्रेन चालक व कण्ट्रोल रूम के पास सीधे रहे।

इन्होंने कहा

देश भर में 5200 फॉग पास डिवाइस वितरित किये गये थे, जिसका प्रयोग सफल रहा है। अब मण्डल के लोको पायलट्स के लिए ये डिवाइस मँगाये जा रहे हैं। इससे सर्दी में ट्रेनें लेट होने की समस्या काफी हद तक दूर हो जाएगी।

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