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रेलवे लाइन दोहरीकरण में रेलवे की सुस्त रफ्तार


झाँसी से बाँदा होते हुए मानिकपुर व खैरार जं. से भीमसेन तक रेलवे लाइन दोहरीकरण की मांग कई वर्षों से चल रही है, और वर्तमान सांसद भैरों प्रसाद मिश्रा के प्रयासों के फलस्वरूप रेलवे ने इसे स्वीकृत भी कर लिया, लेकिन यात्रियों को रेलवे लाइन दोहरीकरण की सौगात मिलने में अभी काफी समय लग सकता है।

  • झाँसी से मानिकपुर  2974.65 करोड़
  • खैरार से भीमसेन   1212.27 करोड़

आम जनता के हक के लिए लड़ाई लड़ रहे बाँदा के समाजसेवी और आरटीआई कार्यकर्ता कुलदीप शुक्ला ने सूचना का अधिकार अधिनियम के जरिए उत्तर-मध्य रेलवे इलाहाबाद के उपमहाप्रबंधक से 2 बिंदुओं में सूचना माँगकर खुलासा किया है कि झाँसी से मानिकपुर के रेलवे लाइन दोहरीकरण में अनुमानित खर्च 2974.65 करोड़ रुपये आयेगा जबकि खैरार से भीमसेन के रेलवे लाइन दोहरीकरण में अनुमानित खर्च 1212.27 करोड़ रुपए होगा।
उपमहाप्रबन्धक कार्यालय द्वारा जारी सूचना के मुताबिक, पिछले वित्तीय वर्ष 2016-17 में झाँसी से मानिकपुर एवं खैरार से भीमसेन के लिए सम्मिलित रूप से अभी तक मात्र एक-एक लाख रुपए ही आवंटित किए गए हैं। उक्त  रेलवे लाइन के फाइनल लोकेशन सर्वे हेतु निविदा आमंत्रित की जा चुकी है। शीघ्र ही रेलवे इन लाइनों के दोहरीकरण के लिए सर्वे कराये जाने के लिए तैयार है। सर्वे के पश्चात ही कुल कितने पुल, पुलिया तथा रेलवे क्राॅसिंग का निर्माण किया जाना है, उसके आंकलन के पश्चात ही जरूरी लागत का आंकलन किया जायेगा।

समाजसेवी कुलदीप शुक्ला ने भारत सरकार से मांग की है कि जल्दी ही सर्वे कराकर बहुप्रतीक्षित रेलवे लाइन दोहरीकरण की प्रक्रिया को शुरु कराया जाये, ताकि बुन्देलखण्ड में ट्रेनों की गति में आ रहा अवरोध दूर हो सके।