< मस्जिद में मोदी देश के लिए या चुनाव के लिए Hindi News - Breaking News, Latest News in Hindi, हिंदी में समाचार, Samachar - Bundelkhand News बेशक बात हिन्दू हित की हो पर मुस्लिम हित की बात समानांतर तरीके स"/>

मस्जिद में मोदी देश के लिए या चुनाव के लिए

बेशक बात हिन्दू हित की हो पर मुस्लिम हित की बात समानांतर तरीके से क्रमबद्ध होती रहती है। हिन्दू हित की बात करना ही मुस्लिम हित की आवाज बुलंद करना है। इन दो धर्मों के हित की बात कितनी भी हो पर ईसाई , सिख , पारसी और जैन सभी अच्छी स्थिति पर हैं। जैन धर्म तो एक समृद्धिशाली धर्म है। 

प्रधानमंत्री बोहरा मुसलमान समाज की मस्जिद में जाकर सर्वधर्म समभाव की बात छेड़ कर सही संदेश दे रहे हैं कि भारत में किसी के साथ भेदभाव नहीं है। राजनीतिक रूप से दूसरा दल कभी अच्छा बोलता ही नहीं है। उन्हें हर बात में शक की गुंजाइश की आदत है। कांग्रेस के प्रवक्ता अभय दुबे पीएम के मस्जिद पर जाने को भी कटघरे में खड़ा कर रहे हैं।

बड़ा मुश्किल है समझना कि चुनावी कौन है और कौन नहीं है। ऐसा प्रतीत होता कि नेता सिर्फ चुनावी हो गए हैं। वर्तमान के नेतृत्वकर्ता चुनाव से इतर देश समाज के लिए चिंतन गुण खो चुके हैं। काश चुनाव के अलावा कुछ कार्यक्रम को देश की सोच वाली नजर से देखा जाता। वैसे पीएम नरेन्द्र मोदी अपने कार्य को अंजाम देने में सफल रहे हैं।

उन्होंने सबके विकास की बात को दुहराया। साथ ही इस बात का जवाब भी दे दिया कि हम तुष्टीकरण नहीं करते। बल्कि सबका सम्मान और विकास पर ध्यान केंद्रित करते हैं। उन्होंने बोहरा समाज द्वारा देश के लिए योगदान और समाज की प्रगति पर चर्चा की और राष्ट्र को एकता के सूत्र में पिरोकर अच्छाई के मार्ग पर चलने हेतु सभी को प्रेरित किया।

विपक्षी कुछ भी कहें और भविष्य में चुनाव का परिणाम जो भी आए पर नरेन्द्र मोदी वर्तमान में सशक्त नेतृत्वकर्ता तो हैं।

About the Reporter

अन्य खबर

चर्चित खबरें