< आंगनबाड़ी केन्द्रों में हुआ अमृत उत्सव : साह-बहू सम्मेलन Hindi News - Breaking News, Latest News in Hindi, हिंदी में समाचार, Samachar - Bundelkhand News विश्व स्तन सप्ताह का लोकप्रिय स्लोगन ष्हॉ मैंने मां का दूध पिया "/>

आंगनबाड़ी केन्द्रों में हुआ अमृत उत्सव : साह-बहू सम्मेलन

विश्व स्तन सप्ताह का लोकप्रिय स्लोगन ष्हॉ मैंने मां का दूध पिया हैष् शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में काफी लोकप्रिय हुआ है। इसके अंतर्गत जिले की सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों में स्तनपान के नारे-लेखन, रैली, गर्भवती-शिशुवती मॉताओं को स्तनपान के तरीके, लोक संगीत आदि तमाम गतिविधियां सम्पन्न हुईं। जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री संजय जैन ने बताया है कि महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा विश्व स्तनपान सप्ताह के आखरी दिन आयोजित हुए अमृत उत्सव और सास-बहू सम्मेलन काफी चर्चा का विषय रहे। सम्मेलन में मॉताओं से आईवीआईवायसीएफ अंतर्गत आने वाली समस्याओं और उनके समाधानों पर चर्चा भी की गई। सफल स्तनपान करवाने वाली मॉताओं की अन्य मॉताओं से चर्चा करवायी गई कि अपने बच्चों को सही तरीके से स्तनपान कैसे कराएं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और पर्यवेक्षकों ने सास-बहू सम्मेलन में सास मॉताओं को अपनी गर्भवती और शिशुवती बहुओं के खान-पान का ख्याल रखने और बहुओं को स्तनपान में सहयोग करने के लिए प्रेरित किया।

सम्मेलन में शामिल हुई सासों को समझाया गया कि स्वस्थ्य मॉ ही स्वस्थ्य बच्चे को जन्म दे सकती है और बच्चे के जन्म के तुरंत बाद (1 घंटे के भीतर) बच्चे को मॉ का पहला गाढ़ा पीला दूध (कोलेस्ट्रम) पिलवाएं। इसके साथ ही बच्चे को 6 माह तक केवल मॉ का दूध दिया जाना श्रेयस्कर होता है। शहद-पानी, जन्म घुट्टी, ऊपर का दूध आदि 6 माह तक कुछ भी न दें। इसके बाद ही स्तनपान के साथ-साथ सही मात्रा में ऊपरी आहार शुरू करवाया जाना चाहिए और 2 साल तक ऊपरी आहार के साथ-साथ सतत् स्तनपान भी जारी रखवाएं। सभी मॉताओं को समझाया गया कि यदि बच्चे को उचित तरीकों से स्तनपान कराया जाता है तो इससे बच्चे में कुपोषण होने की संभावना नहीं रहती है।सभी गर्भवती-शिशुवती मॉताओं एवं बुजुर्ग महिलाओं द्वारा घर के नवजात शिशुओं को ठीक प्रकार से स्तनपान करवाने के लिए शपथ भी दिलवाई गई।

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