< पुरानी रंजिश में हुई थी आजाद की हत्या, मकसूद पर हमला Hindi News - Breaking News, Latest News in Hindi, हिंदी में समाचार, Samachar - Bundelkhand News संदी गांव में हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां चलाकर आजाद और जयदे"/>

पुरानी रंजिश में हुई थी आजाद की हत्या, मकसूद पर हमला

संदी गांव में हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां चलाकर आजाद और जयदेवी की हत्या कर दी थी, जबकि जीशान, बाला प्रसाद व महेंद्र को गोली मारकर घायल कर दिया था। पुलिस ने इस मामले में कदौरा के इस्लामाबाद मोहल्ला निवासी अल्ला रक्खू और उसके तीन बेटों चांद, आसिफ और सोहेल को गिरफ्तार किया है। अल्लारक्खू ने पूछताछ में बताया कि संदी निवासी मकसूद उसका मौसेरा भाई है। करीब 30 साल पहले मूल रुप से बम्हौरी निवासी मकसूद के पिता मंसूर को जब वहां से भगाया गया तो उसके पिता बाबू खां ने ही उन्हें सदी गांव में आसरा दिया।इसके बाद मंसूर ने  बाबू खां के मकान पर कब्जा कर उसकी हत्या कर दी। यहीं से अल्लारक्खू और मकसूद के बीच पारिवारिक रंजिश शुरू हो गई।

इसके बाद दोनों परिवारों के बीच कई हत्याएं हुईं और आखिर में गांव वालों ने भी मकसूद का साथ दिया और अल्लारक्खू को अपने बेटों के साथ संदी गांव छोड़कर कदौरा स्थित ससुराल में शरण लेनी पड़ी लेकिन रंजिश की चिंगारी सुलगती रही। रक्खू के मुताबिक कुछ दिन पहले ही उसका बेटा चांद खां कपड़ों की फेरी लगाने संदी आया तो गांव वालों ने उसके साथ न सिर्फ गाली गलौज की, बल्कि उसे थप्पड़ भी मार दिया।

उन लोगों में आजाद भी शामिल था। इसके बाद से ही मकसूद और आजाद दोनों को ठिकाने लगाने का मन बना लिया था। बकौल रक्खू जिस दिन बरामदे में सो रहे मकसूद पर हमला किया, उसी दिन आजाद को भी ठिकाने लगाने की योजना थी, पर बारिश होने के कारण आजाद घर के भीतर सो रहा था और वह बच गया। दोबारा योजना बनाकर फिर आजाद को उन चारों ने मौत के घाट उतारा और तय कर लिया था, जो भी रास्ते में आएगा, उसे हटाते जाएंगे। एसपी ने बताया कि चारों आरोपियों ने हाथों में तमंचे और जेबों में कारतूस भर रखे थे और अकोड़ी की ओर से पैदल की गांव में घुसे लेकिन भागने के लिए उन लोगों ने दूसरी ओर गांव के बाहर दो बाइकें भी खड़ी कर रखी थी। फिलहाल अब सब कुछ साफ हो गया है, सभी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जा रहा है।

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