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रूठे मेघों को मनाने के लिए गायत्री तपोभूमि पर कीर्तन शुरू

सूखे की आहत को देखकर आषाढ़ मास की एकादशी को रूठे मेघों को मनाने के लिए महिलाओं ने कस्बे के गायत्री तपोभूमि तथा बिदोखर पुरई में खेरापति के स्थान पर हवन पूजन कर भजन कीर्तन करते हुए बारिश की कामना की।

अभी तक बारिश न होने से लोग परेशान हो उठे हैं। खरीफ के फसलों की बुवाई पिछड़ रही है। सूखे की आहत भांपकर महिलाओं ने सोमवार को एकादशी होने कारण कस्बे के गायत्री तपोभूमि एवं बिदोखर पुरई के खेरा पति स्थान पर पहुंच कर हवन पूजन के उपरांत भजन, कीर्तन करते हुए रूठे मेघों को मनाते हुए क्षेत्र में बारिश की कामना की। गौरतलब है कि अभी तक क्षेत्र में बारिश न होने से खरीफ की फसले नहीं बोई गई हैं। जबकि खरीफ की फसलों के बोने का समय 15 जुलाई तक होता है। जिसमें अब महज पांच दिन ही शेष है।

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