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जे.एम.के.कॉलेज में एक और घोटाले का पर्दाफाश

छात्र-छात्राओं ने लगाया मनमानी फीस लेकर प्राईवेट यूनिवर्सिटी की डिग्री थमाने का आरोप

छह वर्ष बर्बाद हुये छात्र-छात्राओं के, डीएम को भेजा ज्ञापन

कहते हैं कि राष्ट्र का भविष्य युवा होते हैं। लेकिन जब युवाओं का भविष्य ही षडय़ंत्र कर नष्ट कर दिया जाये तो राष्ट्र की उन्नति में यह सहायक कैसे हो सकते हैं। ऐसा ही एक मामला प्रकाश में आया है। जिसमें एक कोचिंग इंस्टीट्यूट द्वारा सरकारी संस्था के नाम पर प्रवेश दिलाने और परीक्षा के दो वर्ष बाद प्राईवेट विद्यालय की मार्कशीट थमा दी गयी। अब उक्त छात्र-छात्रायें किसी भी सरकारी विश्वविद्यालय में प्रवेश पाने से वंचित हो रहे हैं। कृष्णा छविगृह के पास स्थित जे.एम.के.कॉलेज में हुये इस घोटाले का पर्दाफाश कर छात्र-छात्राओं के भविष्य को अंधकार मय होने से बचाने की मांग उठायी गयी है। मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्यवाही की मांग करते हुये अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने एक ज्ञापन जिलाधिकारी को भेजा है।

ज्ञापन में अभाविप पदाधिकारियों ने बताया कि कृष्णा टॉकीज के पास स्थित जे.एम.के.कॉलेज में छात्र-छात्राओं ने बी.सी.ए. में वर्ष 2013 में प्रवेश लिया था। कॉलेज प्रबंधकों द्वारा 20 हजार रुपये प्रतिवर्ष के हिसाब से तीन वर्षों में 60 हजार रुपये और रजिस्ट्रेशन के नाम पर 10 से 18 हजार रुपये तक छात्र-छात्राओं से जबरन वसूले थे। आरोप है कि प्रवेश के समय कॉलेज प्रबंधकों द्वारा बताया गया था कि छात्र-छात्राओं का प्रवेश पंजाब टेकनीकल यूनिवर्सिटी से करा रहे हैं। लेकिन परीक्षा उपरान्त मेरठ की शोभित यूनिवर्सिटी की मार्कशीट हाथ में जबरन थमा दी गयी। छात्र-छात्राओं से कहा गया था कि उनका प्रवेश संस्थागत तरीके से किया गया है। वर्ष 2013 से जो डिग्री वर्ष 2016 में पूर्ण होनी थी, उसमें कॉलेज द्वारा जानबूझकर वर्ष 2018 तक का समय लगा दिया गया और जब छात्र-छात्रायें डिग्री मांगने जाते थे तो पूर्ण फीस जमा होने के बावजूद भी अवैध तरीके से रुपयों की मांग की जाती है। बताया कि दो वर्षों बाद डिग्री दी गयी है, जिसके अनुसार मार्कशीट प्राईवेट यूनिवर्सिटी से मान्य है, जिससे की छात्र-छात्रायें अब उच्च स्तरीय सरकारी नौकरी में आवेदन करने में असमर्थ हैं।

आरोप है कि जे.एम.के.कॉलेज के प्रबंध समिति व सी.ई.ओ. संजीव शर्मा, धीरेन्द्र शुक्ला ने जो रुपये छात्र-छात्राओं से लिये हैं, इतनी धनराशि कोई भी प्राईवेट यूनिवर्सिटी नहीं लेती। छात्र-छात्राओं ने जे.एम.के.कॉलेज के प्रबंधकों पर षडय़ंत्र पूर्वक धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है। यहां अभाविप ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि पाई-पाई जोडक़र छात्र-छात्राओं व उनके अभिभावकों ने कॉलेज की मनमाने तरीके से मांगी गयी फीस जमा की थी, लेकिन अब प्राईवेट यूनिवर्सिटी की डिग्री हाथों में थमा दिये जाने से उनका भविष्य अंधकारमय हो गया है। अभाविप ने छात्र-छात्राओं के हित को ध्यान में रखते हुये उच्च स्तरीय जांच कराते हुये कार्यवाही किये जाने की मांग उठायी है।

ज्ञापन देते समय जिला संयोजक राहुल राजपूत, सह संयोजक हरेन्द्र प्रताप सिंह, विकास राय, सचिन नामदेव, विकास राय, महेश साहू, अमित साहू, सौरभ कुशवाहा, रानू राजा, रोहित राजा, छोटू बुन्देला, अंकित जैन, सुनिधि राजे, पूजा साहू, मिली दुबे, रौशनी झां के अलावा अनेकों छात्र-छात्रायें व अभाविप पदाधिकारी मौजूद रहे।

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  • मोहम्मद नसीम

    जनपद ललितपुर में पत्रकारिता का एक लम्बा अनुभव लिए मोहम्मद नसीम की पारिवारिक पृष्ठभूमि भी इसी क्षेत्र से सम्बन्ध रखती है। राजनीतिक व सामाजिक मुद्दों पर इनकी गहरी पकड़ है।, ग्रेजुएट

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