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गुरूकुल बनाकर बच्चों में बांटा अमूल्य कलाज्ञान : विधायक

पेन्टिंग विथ ऑइल कलर का भव्य समापन

एक माह तक चला विशिष्ट कला शिविर

सिद्धन रोड स्थित कला भवन में 01 जून से 30 जून तक प्रख्यात चित्रकार ओमप्रकाश बिरथरे द्वारा आयोजित विशिष्ट कला शिविर पेन्टिंग विद ऑयल कलर्स का समापन सदर विधायक रामरतन कुशवाहा के मुख्य आतिथ्य एवं अजय कुमार की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। जबकि विशिष्ट अतिथि नेमवि प्राचार्य डा.अवधेश कुमार अग्रवाल, संस्कृत विभागाध्यक्ष डा.ओमप्रकाश शास्त्री रहे। शुभारम्भ मां सरस्वती पूजन एवं द्वीप प्रज्जवलन द्वारा किया गया। शिविर आयोजक बिरथरे ने शिविर में प्रतिभागियों द्वारा बनायी गयी पेन्टिंग आत्ममुग्धा, प्रकृति एवं स्ट्रीट का प्रदर्शन कर पेन्टिंग में प्रयोग किये गये ब्रश, नाईफ द्वारा स्ट्रोक्स पेचिज फिनिशिंग तकनीक के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आधुनिक प्रसिद्ध कलाकारों ने अपनी भावनाओं को वाणी देने व कलात्मक अभिव्यक्ति के लिये आयल कलर को प्रमुखता दी, क्योंकि इस माध्यम से बने चित्र सदियों तक सुरक्षित रहते है। इसी माध्यम और तकनीक का शिविर में अभ्यास कराया गया।

मुख्य अतिथि सदर विधायक रामरतन कुशवाहा ने कहा कि चित्रकार बिरथरे आज कला की उस ऊंचाई पर पहुंच गये है जहां उन्हें गुरूत्व मिला और कला भवन को गुरूकुल बनाकर अपना अमूल्य ज्ञान प्रशिक्षार्थियों को बांट रहे है। शिविर में प्रतिभागियों द्वारा बनाये गये चित्रों में कला कुशलता देखकर में आश्चर्यचकित हूं। कहा कि चित्रकला क्षेत्र में महत्वूपर्ण योगदान देने के लिये शासनस्तर से चित्रकार बिरथरे को सम्मान दिलाने हेतु में प्रयास करूंगा।

नेमवि प्राचार्य डा.अवधेश अग्रवाल ने कहा कि इस तरह के शिविरों का उद्देश्य है कि कला का घर घर में आदर हो जीवन कलामय हो तो व्यक्ति तनाव, कुंठा, पलायन से बच सकता है। उन्होनें प्रतिभागियों द्वारा बनाये गये चित्रों की प्रशंसा की। डा.ओमप्रकाश शास्त्री ने कहा कि कला साधना सबसे बड़ी तपस्या है, चरैवेति, चरैवेति कला साधना का मूलमंत्र है। सत्यम शिवम सुन्दरम ही कला का लक्ष्य है। इसकी अभिव्यक्ति ही उसका अभीप्सित है। बिरथरे जी का योगदान अमूल्य है। उनके चित्रों में जीवन रेखायें बोलती है भावाभिव्यक्ति मन को आन्दोलित कर देती है। कला साधकों को पत्रकार रवि चुनगी एवं डा.रमेश किलेदार ने भी सम्बोधित किया।

प्रतिभागियों को अतिथियों द्वारा प्रशस्ति पत्र वितरित किये गये। प्रतिभागियों में श्रेष्ट कला प्रदर्शन के लिये चयनित स्मृति सिंह ठाकुर, प्रियंका जैन, नीतू गौतम, कप्तान सिंह, सपना श्रीवास को स्मृति चिन्ह प्रदान किये गये। विजया जैन ने कला सेवा के लिये बिरथरे को अपनी कहानी संग्रह की संकल्प पुस्तक भेंट कर सम्मान किया। आयोजक की ओर से सम्मानित अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट किये गये।

इस दौरान शान्ति मालवीय, आनन्द कुमार त्रिपाठी, एन.एल.शर्मा, इशहाक अहमद, गोविन्द व्यास, डा.विकास गुप्ता जीत, जयन्त चौबे, प्रीति चौबे, शिवशंकर पाठक, दीपक नामदेव, कैलाश नारायण द्विवेदी, सोनी सिंह, अवधेश त्रिपाठी, स्वाती त्रिपाठी, अरविन्द नायक, अंकुर गुप्ता, भगवती, जी.एन.रिछारिया, भगवत दयाल सिंधी आदि अनेक गणमान्य व अभिवाभक उपस्थित रहे। संचालन सत्यनारायण तिवारी आचार्यजी ने किया।

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