< मुख्यमंत्री बकाया बिजली बिल माफी स्कीम एक जुलाई से लागू Hindi News - Breaking News, Latest News in Hindi, हिंदी में समाचार, Samachar - Bundelkhand News मुख्यमंत्री जन कल्याण (संबल) योजना-2018 के तहत् पंजीकृत श्रमिकों ए"/>

मुख्यमंत्री बकाया बिजली बिल माफी स्कीम एक जुलाई से लागू

मुख्यमंत्री जन कल्याण (संबल) योजना-2018 के तहत् पंजीकृत श्रमिकों एवं बीपीएल उपभोक्ताओं के घरेलू कनेक्शनों की पुरानी बकाया राशि का निराकरण कर उन्हें नियमित बिल भुगतान के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री बकाया बिजली बिल माफी स्कीम  प्रदेश में एक जुलाई से लागू हो गई है। स्कीम में उपभोक्ताओं को बिजली बिल जून 2018 तक की कुल बकाया राशिपर लाभांवित किया जाएगा। पात्र उपभोक्ताओं के जुलाई के बिल, जो माह अगस्त 2018 में आएंगे, से परिलक्षित होगा। योजना का लाभ लेने के लिए विद्युत वितरण कंपनी के निकटस्थ कार्यालय अथवा आयोजित हो रहे कैम्प में आवेदन जमा करना होगा।

मुख्यमंत्री जन कल्याण (संबल) योजना  में पंजीकृत श्रमिक एवं बीपीएल उपभोक्ताओं के घरेलू कनेक्शन, जिन पर बिजली बिल की राशि बकाया है, को श्रम विभाग के पंजीयन कार्ड अथवा बीपीएल कार्ड का क्रमांक उपलब्ध करवाने पर बकाया बिल की माफी की जाएगी। ऐसे पंजीकृत श्रमिक जिनके निवास का विद्युत कनेक्शन उसके स्वयं के नाम पर न होकर उसके परिवार के किसी सगे-संबंधी के नाम पर हो एवं बीपीएल उपभोक्ता को सरलता से नामांतरण की सुविधा देते हुए ऐसी स्थिति में उपभोक्ता के साथ निवासरत होने की दशा में उसे स्कीम का लाभ दिया जाएगा।

यदि मुख्यमंत्री जन कल्याण (संबल) योजना में पंजीकृत कोई पात्र हितग्राही, विद्युत उपभोक्ता (अर्थात् जिस व्यक्ति के नाम पर विद्युत कनेक्शन है) के परिवार का सदस्य है एवं उपभोक्ता के साथ ही निवासरत है, तो ऐसे विद्युत संयोजन पर भी सरल बिजली बिल स्कीम का लाभ दिया जाएगा। इसके लिए उपभोक्ता का नाम-परिवर्तन आवश्यक नहीं होगा, फिर भी ऐसे प्रकरण में परिवार का सदस्य उन्हीं व्यक्तियों को माना जाएगा, जिनके नाम समग्र डाटाबेस में एक परिवार के रूप में अंकित हों।

जून 2018 तक के बिल में देय मूल बकाया राशि एवं सरचार्ज की पूरी राशि माफ की जाएगी। इसके लिए आवेदन प्राप्ति पश्चात् बकाया माफी प्रमाण-पत्र जारी किया जाएगा। सरचार्ज की संपूर्ण राशि एवं मूल बकाया राशि का 50 प्रतिशत वितरण कंपनी द्वारा माफ किया जाएगा। मूल बकाया राशि का शेष 50 प्रतिशत राज्य शासन द्वारा वहन किया जाएगा। इसके एवज में राज्य शासन द्वारा तीन वर्षों में सब्सिडी दी जाएगी।
 

About the Reporter

अन्य खबर

चर्चित खबरें