< चहेतों को नहीं मिला लाभ तो आगे बढ़ा दी नीलामी की तारीख Hindi News - Breaking News, Latest News in Hindi, हिंदी में समाचार, Samachar - Bundelkhand News बस स्टैण्ड में पार्किंग शुल्क वसूलने का है पूरा मामला

चहेतों को नहीं मिला लाभ तो आगे बढ़ा दी नीलामी की तारीख

बस स्टैण्ड में पार्किंग शुल्क वसूलने का है पूरा मामला

चर्चाओं में फिर नगर पालिका की कारगुजारियां

बस स्टेण्ड पर पार्किंग शुल्क के नाम पर प्रत्येक बस से रुपये वसूल किये जाने के लिए नगर पालिका परिषद प्रत्येक वित्तीय वर्ष में ठेका देती है। पार्किंग शुल्क वसूल करने का ठेका अपने चहेतों को दिलाने के लिए सभी नियमों को ताक पर रख दिया गया। निविदा की शर्तों व अर्हताओं को पूरा करने वाले ठेकेदारों ने जब आपत्ति व्यक्त की तो ठेका नीलामी की तारीख को आगे बढ़ा दिया गया।

नगर पालिका परिषद हमेशा से ही अपने कारनामों के लिए चर्चा का विषय रही है और आरोपों के घेरे में रहती है ऐसा ही एक मामला उस समय उजागर हुआ जब नगर पालिका में बस स्टेन्ड टेंडर प्रक्रिया जारी थी जिसने मार्जिन मनी जमा कराकर ठेकेदारों को को बोली लगाकर ठेका लेना था जिसके लिए विधिवत तरीके से निविदाएं निकाली गई थी नगर पालिका द्वारा जो शर्तें लागू की गई थी उन शर्तो की खुलेआम धज्जियां उड़ाई गई 25 तारीख को ठेकेदारों से मार्जिन मनी एवं प्रपत्र जमा करने थे जमा कर, बोली लगाई जानी थी जिसका समय पूर्व से ही निर्धारित था की 12.00 बजे के बाद किसी भी प्रकार की कोई प्रपत्र जमा नहीं किए जाएंगे जिसके अंतर्गत करीब 5 ठेकेदारों ने अपने प्रपत्र व मार्जन मनी  जमा करा दी लेकिन जब एक ठेकेदार द्वारा समय बीत जाने के बाद अपने प्रपत्र व मार्जनी मनी जमा कराई गई तो वहां बैठे अधिकारियों ने प्रपत्र लेने से इन्कार कर दिया फिर क्या था आनन फानन नगर पालिका चेयरमैन को आना पड़ा और उन्होंने इस प्रक्रिया की तिथि को आगे बढ़ा दिया।

बताते चलें कि पूर्व में बस स्टैंड का ठेका ना होने के कारण नगर पालिका द्वारा बस स्टैंड से कर लिया जाना सुनिश्चित किया गया था जिसको नगरपालिका का ही एक कर्मचारी को उगाही के लिए नियुक्त किया गया था उस कर्मचारी की  मिलीभगत के चलते चलते इस कार्य का जिम्मा पार्षदों को दे दिया गया और उन्होंने उगाही करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जिसके एवज में पार्षदों को कुछ रकम भी मिलती थी और कुछ रकम नगरपालिका मैं जमा कराई जाती थी। समय निकल जाने के बाद ठेकेदार ने अपने चहेते बाबू से प्रपत्र ब मार्जिन मनी जमा कराने के लिए भेज दिया बाबू ने अपमे एक कर्मी द्वारा मार्जन मनी व प्रपत्र जमाने जमा करने का कार्य किया जब अधिकारी ने ऐसा करने से मना कर दिया तब उसने ठेकेदार को सूचना दी और ठेकेदार भी आ पहुंचा। फिर क्या था नगर पालिका चेयरमैन नहीं इस ठेके की नीलामी को तत्काल प्रभाव से रोक कर तिथि बढ़ा दी जिस से यह प्रतीत होता है की नगर पालिका अध्यक्ष अपने पावर का इस्तेमाल करके कुछ भी कर सकता है जबकि  प्रक्रिया समय से पूर्ण हो गई थी केवल बोली लगाई जानी बाकी थी ,जो नगर में चर्चा का विषय बना हुआ है।

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