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तालाब खुदाई में मेहतन और जमा पूंजी पर पानी फिर जाएगा

तो अब तक की गई मेहनत और लगाए गए पैसे पर पानी फिर जाएगा

खेतों में पानी सहेजने का सपना टूटता नजर आ रहा है। पैसे के अभाव में खेत तालाब लटक गए हैं। गरए तेज बारिश तो अब तक की गई मेहनत और लगाए गए पैसे पर पानी फिर जाएगा। जिसको लेकर किसान चिन्तित हैं।

भूमि संरक्षण विभाग द्वारा किसानों के खेतों में 30 गुणा 35 मीटर लम्बाई.चौड़ाई के तालाब खुदवाए गए थे। मकसद था कि खेत का पानी खेतों में ही रोका जा सके। जिससे जल स्तर सुधर सके। सूत्रों की मानें तो तालाब के लिए भूमि संरक्षण विभाग द्वारा पहली किश्त के रूप में 57 हजार 100 रुपए दिए गए। बाकी पैसा किसानों द्वारा लगाया गया। लेकिनए दूसरी किश्त नहीं आई। जिससे खेतों में किया गया काम अधूरा पड़ा है। किसान विभागीय अफसरों पर आरोप लगा रहे हैं। किसानों की मानें तो मनमानी की जा रही है। दूसरी किश्त रोक दी गई है। बतायाए अब तक तालाब खुदाई में मेहतन और जमा पूंजी लगी हुई है। खेत भी खराब पड़ा है। अगर पानी बरसा तो सबकुछ चौपट हो जाएगा।
 
किसान ने लगाए आरोप
 
गुढ़ा निवासी किसान धर्मेश ने बताया कि गाटा संख्या 582 में तालाब खुदवाया गया। जिसके लिए भूमि संरक्षण विभाग के ही एक कर्मचारी अपने साथ एक व्यक्ति को खेत में तालाब की खुदाई के लिए लेकर आया। जिस पर धर्मेश ने मना दिया। धर्मेश के अनुसार उसने अपने खेत पर अपने मन.माफिक खुदाई कराई। इसके बाद विभाग द्वारा दूसरी किश्त नहीं भेजी जा रही है। धर्मेश जांच कराए जाने की मांग की है। गांव.देहातों में अधूरे पड़े खेत तालाबों को लेकर किसान नेता भी खफा हैं। भारतीय किसान यूनियन के बुन्देलखण्ड प्रभारी शिवनारायण सिंह परिहार ने बताया कि इन दिनों किसान बेहद परेशान हैं। कई खेतों में खुदाई का काम हुआ। खेतों में तालाब अधूरे पड़े हैं। उन्होंने चेतावनी दी अगर जल्द ही किसानों के खातों में दूसरी किश्त नहीं आई तो यूनियन सड़क पर उतरेगी। अफसरों के विरुद्ध नारेबाजी की जाएगी। फिर भी बात नहीं मानी गई तो अफसरों का घेराव किया जाएगा।

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