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स्कूल के पास खड़े डंपरों से दो हजार बच्चों को खतरा

नो एंट्री जोन में रेत की बोली, स्कूल के पास खड़े डंपरों से दो हजार बच्चों को खतरा

मिशन स्कूल के पास मुख्य सड़क को दिन भर भारी वाहनों का जमावड़ा लगा रहता है। सुबह 8 बजे से दोपहर तक रेत से भरे दर्जनों डंपर खड़े रहते हैं। प्रशासन की अनदेखी के कारण इस सड़क को डंपर चालकों द्वारा रेत का बाजार ही बना लिया है। यहीं से रेत की खरीदी भी होती है। ऐसे में स्कूल आने-जाने वालेे बच्चों को हमेशा ही जान का खतरा बना रहता है।

पुलिस ने यह क्षेत्र नो एंट्री जोन में शामिल किया है। इसके बाद भी रेत से भरे डंपर आसानी से शहर के अंदर-बाहर आते जाते हैं। वहीं दूसरी ओर यातायात पुलिस द्वारा डंपर चालकों न तो हटाया जाता है और न ही कोई कार्रवाई की जाती है, जिसके चलते यहां क्षेत्र रेत के बाजार में तब्दील हो गया है।

मंगलवार की सुबह 10.30 स्कूल के बाजू से मुख्य सड़क पर आधा दर्जन रेत से भरे डंपर खड़े थे। कुछ स्कूली बच्चे भी इन्हीं डंपरों के बाजू से साइकिल व पैदल निकल रहे थे। लेकिन डंपर चालक बेफ्रिक होकर बीच सड़क पर खड़े होकर ग्राहकों से रेत की सौदेबाजी कर रहे थे। गौरतलब है कि जहां पर ट्रक खड़े होते हैं उससे बीस कदम दूरी पर ही मिशन स्कूल व नवजाग्रति हायर सेकंडरी स्कूल संचालित हैं। इन दोनों स्कूलों में रोजाना दो हजार से अधिक बच्चे पढ़ने आते हैं। तीन साल पहले ही वर्ष 2015 में एक्सीलेंस स्कूल के पास एक ट्रक अचानक स्कूल के अंदर घुस गया था, जिससे एक दो बच्चों की मौत हो गई थी, साथ ही तीन बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इसके बावजूद भी प्रशासन द्वारा डंपर चालकों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।

पिछले दिनों 9 जून को सागर नाका रेलवे ओवर ब्रिज के लोकार्पण के समय मंत्री जयंत मलैया ने कहा था कि अब शहर में भारी वाहनों की एंट्री नहीं होगी। सभी वाहन बाइपास से होकर ही निकलेंगे। लेकिन यातायात पुलिस की अनदेखी के कारण नो एंट्री में भी भारी वाहनों की आवाजाही चालू है।

पिछले दिनों घंटाघर के पास नो एंट्री में एक ट्रक घुस गया था। जिसे एक यातायात कर्मी द्वारा रोकने का प्रयास किया गया तो ट्रक मालिक ने यातायातकर्मी से अभद्रता की थी। हालांकि बाद में पुलिस द्वारा आरोपी ट्रक मालिक के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। इस संबंध में यातायात निरीक्षक रवींद्र बागरी ने कहा हम प्रयास कर रहे हैं कि शहर में नो एंट्री के समय भारी वाहन बंद हो जाएं।

इस संबंध में अभिभावक मुकेश पाठक का कहना है कि स्कूल के बाजू से खड़े होने वाले भारी वाहनों पर कार्रवाई करने हम लोग कलेक्टर, एसपी से शिकायत कर थक गए, लेकिन आज तक भारी वाहनों को हटाने जिला प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। जिससे बच्चों की जान को खतरा भी रहता है। आए दिन बच्चां के साथ हादसे भी होते रहते हैं, क्या प्रशासन कोई बड़ा हादसा होने का इंतजार कर रहा है। स्कूल प्रबंधन का यह भी कहना है कि ज्यादातर यहां पर तौल के लिए आते-जाते हैं।

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