< शॉर्ट फिल्म के माध्यम से युवा दे रहे बेटियों को पढ़ाने का संदेश Hindi News - Breaking News, Latest News in Hindi, हिंदी में समाचार, Samachar - Bundelkhand News नो-फिकर फाउंडेशन के बैनर तले बनी लघु फिल्म बेटी बचाओ- बेटी प"/>

शॉर्ट फिल्म के माध्यम से युवा दे रहे बेटियों को पढ़ाने का संदेश

नो-फिकर फाउंडेशन के बैनर तले बनी लघु फिल्म बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ का हुआ विमोचन

बुंदेली नाटिका पर युवाओं ने तैयार की शॉर्ट फिल्म, बेटियों की शिक्षा पर किया फोकस

बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ और स्कूल चले हमें योजना की जानकारी भी दे रही शॉर्ट फिल्म

शिब्बो को लेकर कहां जा रहे हो?.... भैया ओको स्कूल में नाम लिखवावे जा रहे हैं। शिब्बो अब स्कूल-मिसकूल ने जै है, शिब्बो को अब ब्याह होने है। दादा ओहे दूल्हा ढूंढ रहे हैं, भैया अबे तो शिब्बो 15 साल की ही हुई है। 18 साल से कम उम्र में लड़कियों को ब्याओ करवो कानूनन जुर्म है। बुंदेली भाषा में इन्हीं डायलॉग्स के साथ शुरूआत होती है बेटियों की शिक्षा पर आधारित शॉर्ट फिल्म बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ की। शहर के युवाओं ने नो-फिकर फाउंडेशन के बैनर तले एक शॉर्ट फिल्म तैयार की है, जो बेटियों की शिक्षा पर फोकस करती है। इस शॉर्ट फिल्म की भाषा बुंदेली है और इसमें विशेष रूप से ग्रामीण अंचल की बेटियों की शिक्षा पर जोर दिया गया है।

4 मिनट 51 सेकंड की इस शॉर्ट फिल्म में दिखाया गया है कि किस तरह बुंदेलखंड के ग्रामीण अंचलों में आज भी बेटियों की शिक्षा कई चुनौतियां से घिरी हुई हैं। 8वीं-10वीं तक बेटियों के पढ़ जाने के बाद पेरेन्ट्स उनकी शिक्षा को पर्याप्त मान लेते हैं और उन्हें घर के कामों में लगा देते हैं। फिल्म के माध्यम से युवाओं ने बेटियों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने और उनके सपने पूरे करने का संदेश लोगों को दिया है।

इन्होंने तैयार की फिल्म

इस शॉर्ट फिल्म की स्क्रिप्ट और संवाद अभिनव मुखुटी ने लिखे हैं। संपादन विक्रम जीत वैद्य ने किया है। छायांकन कैलाश पटैल व जितेन्द्र सिंह राजपूत ने किया है। फिल्म में अभिनय निकिता यादव, रोहित साहू और अभिनव मुखुटी ने किया है। नो-फिकर फाउंडेशन के बैनर तले बनी इस शॉर्ट फिल्म का विमोचन मंगलवार शाम को 4 बजे समाजसेविका डॉ. मीना पिम्पलापुरे ने किया।

About the Reporter

अन्य खबर

चर्चित खबरें