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अन्नदाताओं की मेहनत अमूल्य है, हम सब उनके ऋणी है

मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना प्रोत्साहन राशि वितरण समारोह आयोजित

जिले के 13802 कृषकों को 15 करोड़ से भी अधिक की प्रोत्साहन राशि वितरित

मंत्री सुश्री महदेले द्वारा किसानों को प्रमाण पत्र वितरित

किसानों की लागत का उचित मूल्य दिलाना एवं कृषि आय को दोगुना करना ही शासन की मंशा है-मंत्री सुश्री महदेले

मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के अन्तर्गत रबी 2017-18 में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेंहू उपार्जित कराने वाले पात्र किसानों को 265 रूपये प्रति क्विंटल के मान से प्रोत्साहन राशि का वितरण समारोहपूर्वक सम्पन्न हुआ। प्रोत्साहन राशि वितरण समारोह का आयोजन सुश्री कुसुम सिंह महदेले मंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के मुख्य आतिथ्य में कलेक्ट्रेट परिसर मंे किया गया। जिसमें रबी 2017-18 में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेंहू उपार्जित करने वाले कृषकों जिन्होंने 15 मार्च 2018 से 26 अप्रैल 2018 के मध्य फसल का विक्रय करने वाले जिले के 13802 कृषकों के खातों में कुल 15 करोड़ 21 लाख 52 हजार 8 रूपये की प्रोत्साहन राशि हस्तांतरित की गयी। यह राशि कृषकों के बैंक खातों में आरटीजीएस/एनईएफटी के माध्यम से प्रेषित की गयी है। जिसकी सूचना कृषकों को मोबाइल संदेश के माध्यम से दी गयी। कार्यक्रम में मंत्री सुश्री महदेले द्वारा कृषकों को प्रोत्साहन राशि प्रमाण पत्र प्रदाय किए गए। कार्यक्रम में किसान महासम्मेलन जबलपुर से मुख्यमंत्रीजी के उद्बोधन का सीधा प्रसारण भी एलईडी के माध्यम से देखा गया।

इस अवसर पर मंत्री सुश्री महदेले ने कृषकों को सम्बोधित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने किसानों के हित में कृषि समृद्धि योजना लागू की है। अन्नदाताओं की मेहनत अमूल्य है, हम सब उनके ऋणी है। बिना अन्न-जल के जीवन की कल्पना असंभव है। इसलिए शासन-प्रशासन का भी यह दायित्व है कि वह अन्नदाताओं के हितों की रक्षा करें। इसी उद्देश्य की पूर्ति हेतु संवेदनशील मुख्यमंत्रीजी ने किसानों की पीड़ा समझते हुए उनके उत्थान के लिए अनेकों योजनाएं लायी हैं। इसी कडी में किसानों को लागत का उचित मूल्य दिलाने एवं कृषि आय को दोगुना करने की मंशा से ही मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के अन्तर्गत समर्थन मूल्य के अलावा प्रोत्साहन राशि का वितरण किया जा रहा है। किसानों की मेहनत का वास्तवित फल देने के लिए गेंहू के अलावा चना, मसूर एवं सरसों की खरीदी भी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की गयी है। इतना ही नही पिछले वर्ष भी गेंहू की फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य पर विक्रय करने वाले कृषकों को 200 रूपये प्रति क्विंटल के मान से प्रोत्साहन राशि वितरण किया जा चुका है। इसी तरह प्याज पर भी 400 रूपये प्रति क्विंटल के मान से प्रोत्साहन राशि का वितरण किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि कृषि आय को दोगुना करने के लिए शासन ने रोडमेप तैयार किया है। जिसमें परम्परागत खेती के स्थान पर आधुनिक एवं वैज्ञानिक पद्धति से खेती के साथ साथ उद्यानिकी, वानकी, पशुपालन, मत्स्य पालन आदि को अपनाकर कृषि आय को निश्चित रूप से दोगुना किया जा सकता है और खेती को लाभ का धन्धा बनाया जा सकता है। उन्हांेने कृषकों के हित में चलाई जा रही अन्य योजनाओं जैसे खाद भण्डारण योजना, मृदा स्वास्थ्य परीक्षण, जैविक खेती को बढावा, फसल बीमा, शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर फसल ऋण आदि अन्य योजनाओं के लाभों से किसान भाईयों को अवगत कराया। साथ ही उन्होंने किसान भाईयों से रसायनिक खाद के स्थान पर जैविक खाद का अधिक से अधिक उपयोग कर गुणवत्तापूर्ण एवं स्वस्थ उत्पादन करने की अपील की।

कार्यक्रम में कलेक्टर श्री मनोज खत्री ने कहा कि आज इस कार्यक्रम के माध्यम से गेंहू उपार्जन करने वाले जिले के लगभग 13 हजार कृषकों को 15 करोड़ से अधिक की राशि एक साथ उनके खाते में वितरित की गयी है। जिसकी सूचना सभी कृषकों को उनके मोबाइल पर संदेश के माध्यम से भी दे दी गयी है। फिर भी यदि किसी किसान भाई को संदेश प्राप्त न हुआ हो तो वे कलेक्ट्रेट कार्यालय में स्थापित कन्ट्रोल रूम को सूचित कर सकते हैं। रबी वर्ष 2017-18 में चना, मसूर एवं सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य पर उपार्जित कराने वाले कृषकों को भी प्रोत्साहन राशि का वितरण 22 जून 2018 को किया जाएगा। प्रदेश शासन का पूरा प्रयास है कि किसानों को उनका वास्तविक हक मिल सके। इसलिए कृषि की बढती लागत के अनुरूप उनको उचित मूल्य दिलाना ही इस योजना का उद्देश्य है। योजना के अन्तर्गत कृषकों को प्रोत्साहन राशि प्रदाय करने के साथ साथ शासन की किसान भाईयों से कुछ अपेक्षाएं भी हैं। वे यह है कि कृषक भाई इस प्रोत्साहन राशि का उपयोग अपनी अगली फसल की गुणवत्ता सुधार के लिए करें। ताकि मंडियों में एफएक्यू मानक का अनाज पहुंच सके। उन्होंने कृषकों से परम्परागत खेती के बजाय स्वयं रूचि लेकर नवीन तकनीकों और वैज्ञानिक कृषि को अपनाने तथा उच्च गुणवत्ता की फसल उत्पादन करने की अपील की।

कार्यक्रम में जिला योजना समिति के सदस्य श्री सतानन्द गौतम, श्री विनोद तिवारी, श्री बृजेन्द्र गर्ग एवं श्री आशीष तिवारी ने भी कृषकों को सम्बोधित किया। कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डाॅ. बी.एस. किरार, डाॅ. रणविजय सिंह एवं डाॅ. एन.के. पेढरे द्वारा कृषकों से वन टू वन चर्चा करते हुए उन्हें खेती संबंधी समसमायिकी सलाह एवं कृषि को लाभ का धन्धा बनाने के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गयी। कार्यक्रम में बुन्देलखण्डी गायिका श्रीमती शांति पटेल एवं मण्डली द्वारा मनोरंजक गीतों के माध्यम से कृषकों को उन्नत कृषि संबंधी जानकारी दी गयी। इस दौरान कार्यक्रम में नगरपालिका अध्यक्ष श्री मोहनलाल कुशवाहा, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अशोक चतुर्वेदी, उप संचालक कृषि श्री ए.पी. सुमन, सहायक संचालक कृषि श्री जी.एल. अहिरवार, श्री मुनेश शाक्य, श्री एस.के. शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, पत्रकारबन्धु, बडी संख्या में कृषक बहने एवं कृषक भाई मौजूद रहे। कार्यक्रम में मंच संचालन उपयंत्री श्री एस.के. समेले द्वारा किया गया।

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