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किसानों को कस्टम हायरिंग का नहीं मिल रहा फायदा

जहां एक ओर प्रदेशभर में प्रमुख पार्टियां किसान सेवा यात्रा और किसान विकास यात्रा निकालकर अपनी राजनीति चमकाने में लगे हैं वहीं प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चैहान रात-दिन किसान हितैषी योजनाओं का बखान करते नहीं थक रहे है। इन योजनाओं के टी.व्ही. पर करोडों रूपये के विज्ञापन दिखाये जा रहे हैं। परंतु वास्तविकता कुछ और है। इन नेताओं की जमीनी हकीकत और किसानों से कोई लेना देना नहीं हैं केवल किसानों के नाम पर नेतागिरी कर रहे हैं। किसानों के हित की योजनायें दम तोड रहीं हैं। अधिकारी इन योजनाओं में पलींता लगा रहे हैं। जिसका उदाहरण पन्ना जिला है। शासन की कस्टम हायरिंग योजना के अंतर्गत कम दामों पर कृषि उपकरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेश के प्रत्येक जिलों में कृषि यंत्रिकी फार्मों को बनाया गया था। जहां से जरूरतमंद किसानों को इस संस्था द्वारा शासन के निर्धारित मूल्यों पर ट्रैक्टर सहित कृषि यंत्र उपलब्ध कराये जाते रहे हैं। जैसे की गहरी, जुताई, हार्वेस्टिंग, थ्रेसिंग, फसल बुवाई जमीन समतलीकरण आदि। किंतु पन्ना जिला मुख्यालय में संस्थायें हैं परंतु पिछले दो वर्षों से इनके द्वारा किसानों को कोई सुविधा नहीं दी जा रही है।

किसानों द्वारा यंत्रों की मांग करने पर इस अधिकारियों द्वारा कभी ड्रायवर न होना कभी ट्रैक्टर खराब होने का बहाना बनाकर भगा दिया जाता है। कृषि यांत्रिकी फर्म के अधिकारी किसानों को यह कहकर बीज निगम भेज देते हैं कि किसानों के लिये हमने एक यूनिट बीज निगम में दे रखी है आप वहां सम्पर्क करें। बीज निगम के अधिकारी श्री अहिरवार द्वारा ट्रैक्टर खराब होने का बहाना बना लिया जाता है। जिसके चलते पिछले दो वर्षों के दौरान एक भी किसान को इन योजनाओं से कोई फायदा प्राप्त नहीं हुआ है। ये हाल जिला मुख्यालय का है तो अन्य जगह क्या होगा। सरकार द्वारा करोडों रूपये प्रत्येक वर्ष इन संस्थाओं में खर्च करने के बाद भी यदि किसानों को लाभ नहीं मिल रहा है शिवसेना के जिला अध्यक्ष अरूण शुक्ला ने प्रेस विज्ञप्ती जारी करतें हुए जिला कलेक्टर से किसानो के हित मंे चलाई जा रही योजनाओं में किये जा रहंे फर्जीवाडे की जाॅच कर कार्यवाही करने की मांग की है।

इनका कहनाः- जिले मंे कस्टम हायरिंग के लिए 15 सेन्टर अलग-अलग स्थानो पर बनाए गयें है जिनके द्वारा गहरी जोताई तथा अन्य कार्य किये जा रहें है गुनौर ब्लाक मंे इस वर्ष अभी तक 5 सौ 35 किसान लाभान्वित हुए है।

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