< दस्तक अभियान के तहत एएनएम को दिया गया प्रशिक्षण Hindi News - Breaking News, Latest News in Hindi, हिंदी में समाचार, Samachar - Bundelkhand News जिले में 14 जून से 31 जुलाई तक चलाया जाएगा दस्तक अभियान

दस्तक अभियान के तहत एएनएम को दिया गया प्रशिक्षण

जिले में 14 जून से 31 जुलाई तक चलाया जाएगा दस्तक अभियान

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. एल.के. तिवारी ने बताया है कि 14 जून से 31 जुलाई 2018 तक जिले में दस्तक अभियान का आयोजन किया जाना है। दस्तक अभियान के सफल क्रियान्वयन एवं शत प्रतिशत लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सर्वप्रथम जिले की समस्त एएनएम को प्रशिक्षित किया जाना है। अभियान की सफलता के लिए एएनएम सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं जिन्हे इस अभियान के उद्देश्य एवं की जाने वाली गतिविधियों की जानकारी से प्रशिक्षित होना अतिआवश्यक है। जिसकी प्रथम कड़ी में जिला स्तर में अजयगढ़, अमानगंज की एएनएम केा दस्तक अभियान का प्रशिक्षण डाॅ. प्रदीप गुप्ता जिला टीकाकरण अधिकारी, डाॅ. सुबोध खम्परिया, डाॅ. ज्ञानेश मिश्रा जिला कम्युनिटी मोबिलाईजर के द्वारा दिया गया।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. तिवारी द्वारा उपस्थित एएनएम को दस्तक अभियान के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए बताया कि 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में प्रमुख बाल्यकालीन बीमारियों की सामुदायिक स्तर पर सक्रिय पहचान द्वारा त्वरित प्रबंधन कर बाल मृत्यु में वांछित कमी लायी जा सके। उन्होंने बताया कि दस्तक अभियान सम्पूर्ण मध्यप्रदेश में एक साथ चलाया जा रहाहै। मध्यप्रदेश में पन्ना जिले की बाल मृत्यु सर्वाधिक है।

डाॅ प्रदीप गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि समुदाय में अभियान के दौरान सर्वप्रथम हम अपने हितग्राही के घर पहुंचकर दस्तक देनी है उसके उपरांत उस घर में बीमार नवजातों और बच्चों की पहचान कना एवं उसकी बीमारी के अनुसार उचित ईलाज उसके पश्चात् 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में शैशव एवं बाल्यकालीन निमोनिया की त्वरित पहचान कर प्रबंधन करना है। रेफरल, बच्चों में बाल्यकालीन दस्तरोग के नियंत्रण हेतु ओआरएस एवं जिंक के उपयोग संबंधी समझाईश व प्रत्येक घर में ओआरएस का वितरण, गंभीर कुपोषित बच्चों की सक्रिय पहचान कर रेफरल एवं प्रबंधन करना है। बच्चों कमें गंभीर एनेमिया की डब्ल्यूएचओ कलर स्केल से जांच कर पता लगाना एवं आयरन के सेवन की जानकारी देना, बच्चों में जन्मजात विकृतियों की पहचान कर उन्हें ईलाज के लिए भेजना, 9 माह से 5 वर्ष के बच्चों को विटामिन ए अनुपूरण करना, गृह भेंट के दौरान आंशिक रूप से टीकाकृत व छूटे हुए बच्चों की टीकाकरण स्थिति पता लगाकर उन्हें टीकाकृत करना, बच्चों में बीमारी की स्क्रीनिंग तथा फालोअप को प्रोत्साहन देना साथ ही बाल मृत्यु की जानकारी एकत्र करना है।

डाॅ. सुबोध खम्परिया ने जन्मजात विकृति के बारे में विस्तार से जानकारी दी। डाॅ. ज्ञानेश द्वारा दस्तक अभियान की सफलता हेतु एएनएम को अशा कार्यकर्ता एवं आशा सहयोगी के साथ समन्वय कर घर-घर दस्तक देकर सेवा प्रदान करने में सहयोग लेकर दस्तक अभियान को सफल बनाने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान जिले से धनेन्द्र राज बागरी मूल्यांकन एवं अनुश्रवण अधिकारी, मनीष विश्वकर्मा जिला आर.आई डाटा मैनेजर उपस्थित रहकर प्रशिक्षण में सहयोग प्रदान किया।

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