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हाईप्रोफाइल अनूप सहाय हत्याकाण्ड का पर्दाफाश

बहनोई ने दो लाख की सुपारी देकर कराया था कत्ल

झांसी से बुलाये गये थे दुर्दान्त हत्यारे, दो फरवरी को हुई थी बारदात

दो मई को ठेकेदार अनूप सहाय की नृशंस हत्या के मामले का पुलिस ने चार माह बाद पर्दाफाश कर दिया। कोतवाली पुलिस व क्राइम ब्रांच टीम ने संयुक्त रूप से हत्याकाण्ड के मुख्य आरोपी मृतक के बहनोई के साथ दो शूटर व एक बाइक चालक को गिरफ्तार कर लिया है। शूटर के पास से हत्या में प्रयुक्त 12 बोर की पिस्टल व चार जिन्दा कारतूस बरामद किये हैं। तो वहीं घटना में प्रयुक्त बाइक भी बरामद की गयी है। बताया जा रहा है कि ठेकेदार अनूप सहाय की हत्या करने के लिए उसके बहनोई ने झांसी के दुर्दान्त कुख्यात बदमाशों को दो लाख रुपये की सुपारी दी थी। घनी आबादी के बीच हुये इस अंधे कत्ल की बारदात ने जहां लोगों को झकझोर कर रख दिया था तो वहीं पुलिस के लिए बीते चार माह से यह घटना बड़ी चुनौती बनी हुई थी। मामले का पटाक्षेप करते हुये पुलिस अधीक्षक डा.ओ.पी.सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक ए.के.विजेता व क्षेत्राधिकारी सदर हिमांशु गौरव ने पत्रकारों को मामले से जुड़ी जानकारियां साझा की।

बताते चलें कि गत 2 फरवरी की रात लगभग 10 बजे मोहल्ला बड़ापुरा निवासी ठेकेदार अनूप सहाय अपने घर पर था और खाना खाने की तैयारी कर रहा था कि तभी किसी ने उसका दरवाजा खटखटाया। दरवाजा खोलते ही अज्ञात बदमाशों ने उस पर ताबडतोड फायरिंग कर दी और एक बाईक पर सवार होकर मौके से भाग गये। ठेकेदार अनूप ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था। इस सनसनीखेज वारदात के बाद नगर में दहशत फैल गयी थी। पुलिस के सामने इस अंधे हत्याकांड का खुलासा करना एक बडी चुनौती थी। पुलिस ने हत्यारों तक पहुँचने के लिये पुलिस ने शुरुआत में चार टीमें गठित कर मामले की हर तरह से पड़ताल की और शक के आधार पर अनेक संदिग्ध लोगों से कडी पूंछताछ भी की लेकिन हत्यारों का कोई सुराग नहीं मिला। लगातार इस हत्याकाण्ड के खुलासे की मांग की जा रही थी लेकिन पुलिस के हाथ खाली थे। ऐसे में पुलिस ने इस खुलासे को लेकर सक्रियता तेज कर दी थी। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक डा.ओ.पी. सिंह, एएसपी अवधेश कुमार विजेता के निर्देशन और क्षेत्राधिकारी सदर हिमांशु गौरव के नेतृत्व में नवगठित टीम ने आखिरकार 29 मई को हत्याकांड के सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने में कामयाबी पायी। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि अनूप सहाय हत्या से सम्बन्धित अभियुक्त एक लाल रंग की मोटर साइकिल पर सवार होकर झांसी से ललितपुर की ओर आ रहे हैं। प्रभारी निरीक्षक ए.के.चौहान और क्राइम ब्रांच टीम ने सूचना पाकर झांसी ललितपुर मार्ग पर हाई-वे रेलवे पुल के नीचे (चन्देरा) पर चैकिंग शुरू कर दी। तभी रात लगभग 11 बजे बाईक क्रमांक यूपी 93 ए.के. 8763 पर सवार तीनों अभियुक्त उस तरफ आये और पुलिस को देखकर भागने लगे लेकिन पुलिस ने घेराबंदी करकेउन तीनों अभियुक्तों को पकड़ लिया। पूंछताछ में अभियुक्तों ने अपने नाम मेघराज सिंह पुत्र प्रेमपाल सिंह निवासी लहरगिर्द थाना सीपरी बाजार झांसी, पीयूष खंगार पुत्र जितेन्द्र सिंह निवासी दतिया गेट के पास थाना कोतवाली झांसी और दिलीप कुशवाहा पुत्र नन्दोले कुशवाहा निवासी पठौरिया नई बस्ती थाना कोतवाली झांसी बताये। आरोपियों ने 2 फरवरी को ठेकेदार अनूप सहाय की हत्या करने की बात कुबूल कर ली।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पकड़ा गया दुर्दान्त कुख्यात बदमाश मेघराज एक शातिर अपराधी है जिसने उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के अनेक जनपदों में हत्या, डकैती और लूट जैसे संगीन अपराधों को अंजाम दिया है। उसके पास से पुलिस ने अनूप सहाय की हत्या में प्रयुक्त 32 बोर की देशी पिस्टल, 4 जिन्दा कारतूस और मोटरसाइकिल बरामद कर ली है। अभियुक्तों ने पूंछताछ में ठेकेदार अनूप सहाय की योजनाबद्ध तरीके से हत्या करने की बात कुबूल करते हुये बताया कि उन्होंने मृतक के ही बहनोई अरविन्द रजक पुत्र नाथूराम श्रीवास निवासी गोदू कम्पाण्ड थाना सीपरी बाजार झांसी के इशारे पर दो लाख रुपये की सुपारी लेकर इस हत्या को अंजाम दिया था। बताया गया कि मृतक अनूप सहाय की छोटी बहन वंदना की शादी अरविन्द रजक के साथ हुई थी जो जनपद न्यायालय झांसी में बाबू के पद पर तैनात है। वंदना का अपने पति से अक्सर वाद विवाद होता रहता था।इसकी शिकायत अरविन्द ने मृतक अनूप सहाय से की थी लेकिन अपनी बहिन को समझाने की जगह अनूप ने अपने बहनोई अरविन्द से ही गाली गलौच करते हुये उसे अपमानित किया।इसके अलावा अरविन्द की कनपटी पर अपनी लाईसेंसी पिस्टल रखकर चार गोली सिर में उतार देने की बात कही। अपने साले द्वारा किये गये इस अपमान से आहत अरविन्द ने अनूप सहाय को ठिकाने लगाने की बात मन में ठान ली। अरविन्द ने तव पेशे से वकील मेघराज से मुलाकात की और अनूप सहाय की हत्या के लिये दो लाख रुपये की सुपारी दे डाली। मेघराज ने घटना के लगभग चार माह पहले अपने दो साथियों के साथ ललितपुर जाकर रेकी की और अनूप सहाय के घर की सारी जानकारी ले ली। इसके बाद उसने एक बार अनूप की हत्या करने का प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिली। 2 फरवरी की रात मेघराज अपने साथी पीयूष और दिलीप के साथ अनूप के घर पहुँचा। जहां दिलीप पहले से मोटरसाइकिल चालू किये खडा रहा जबकि मेघराज और पीयूष ने अनूप के घर के दरवाजे खटखटाते हुये कहा कि वह लोग महरौनी से आये हैं और एक ठेका की बात करनी है। तव अनूप ने जैसे ही दरवाजे खोले तो मेघराज ने उस पर तीन राऊंड फायर किये और फिर पीयूष ने भी दो राऊंड फायर किये जिससे अनूप की मौके पर ही मौत हो गयी। वारदात को अंजाम देने के बाद अभियुक्त मोटरसाइकिल पर सवार होकर भाग गये थे। इस हत्याकांड के खुलासे के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली है। मामले का पटाक्षेप करने वाली टीम को अपर पुलिस महानिदेशक कानपुर जोन ने 50 हजार रुपये का पुरुस्कार व सम्मान चिह्न प्रदान करने की घोषणा की है।

टीम में प्रभारी निरीक्षक ए.के. सिंह चौहान, एसएसआई राजबाबू यादव, सन्तकुमार यादव, अजमेर सिंह भदौरिया सहित क्राइम ब्रांच के रविन्द्र कटियार, श्याम सुन्दर सिंह, अजमत उल्ला, सुनील कुमार, राघवेन्द्र सिंह के अलावा कांस्टेबल धर्मेन्द्र सिंह, हरिओम, हसीन खान, प्रदीप कुमार शामिल रहे।

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  • मोहम्मद नसीम

    जनपद ललितपुर में पत्रकारिता का एक लम्बा अनुभव लिए मोहम्मद नसीम की पारिवारिक पृष्ठभूमि भी इसी क्षेत्र से सम्बन्ध रखती है। राजनीतिक व सामाजिक मुद्दों पर इनकी गहरी पकड़ है।, ग्रेजुएट

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