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श्री राम की तपोभूमि में गंगा दशहरा मनाया गया

श्री राम की तपोभूमि में गंगा दशहरा के रूप में मनाया गया जीवन दायनी मन्दाकिनी का अवतरण दिवस

गंगा दशहरा एवं मन्दाकिनी का अवतरण दिवस भगवान श्री राम की तपोभूमि चित्रकूट में बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। कामदगिरि प्रमुख द्वार से रामघाट तक रामनाम संकीर्तन करते हुए धर्म नगरी के प्रमुख साधू -संतो द्वारा गाजे -बाजे के साथ भव्य शोभा यात्रा निकाली गई। रामघाट पहुंचने पर यात्रा में शामिल कामदगिरि प्रमुख द्वार के संत स्वामी मदन गोपाल दास महाराज एवं निर्मोही अखाडा के महंत ओंकार दास महाराज आदि संतो द्वारा चित्रकूट की जीवन रेखा कहलाने वाली पवित्र पावनी माँ मन्दाकिनी नदी का पूजन किया गया। गंगा दशहरा के अवसर पर धर्म नगरी के साधू -संतो द्वारा मन्दकिनी को प्रदूषण मुक्त बनाने का संकल्प लिया गया।

भगवान श्री राम की तपोभूमि चित्रकूट स्थित जीवन दायनी मन्दाकिनी गंगा का अपना अलग ही गौरवशाली इतिहास है।जनश्रुतियों के अनुसार महान ऋषि अत्रि की पत्नी सती अनुसुईया के तपोबल से मन्दाकिनी गंगा का उद्गम हुआ है। जिसका उल्लेख गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित रामचरित मानस समेत अनेकों ग्रंथो में वर्णित है। धर्म नगरी में प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी मन्दाकिनी गंगा का अवतरण दिवस गंगा दशहरा के रूप में बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। सर्वप्रथम कामदगिरि प्रमुख द्वार में एकत्रित धर्म नगरी के साधू -संतो द्वारा भगवान श्री कामता नाथ जी का पूजन -अर्चन कर भव्य शोभा यात्रा का शुभारंभ किया गया। हाथी -घोड़ो और गाजे -बाजे के साथ कामदगिरि प्रमुख द्वार के संत मदन गोपाल दास जी महाराज के नेतृत्व में निर्मोही अखाडा के महंत ओंकार दास महाराज,भरत मंदिर के महंत स्वामी दिव्य जीवन दास महाराज,पंजाबी भगवान आश्रम के संत नागा दास जी महाराज,संतोषी अखाडा के महंत सीताशरण दास जी महाराज,कामदगिरि पीठ के ट्रस्टी स्वामी राजीव लोचन दास जी महाराज,सुदर्शन दास महाराज,केशव दास महाराज,राम बालक दास महाराज,सेवक दास आदि दर्जनों साधू -संतो द्वारा कामदगिरि प्रमुख द्वार से मन्दाकिनी के रामघाट तट तक रामनाम संकीर्तन के साथ भव्य शोभा यात्रा निकाली गई। यात्रा के रामघाट पहुंचने पर सभी साधू -संतो ने पूरे विधि विधान के साथ जीवन दायनी मन्दाकिनी गंगा का पूजन किया।

इस मौके पर धर्म नगरी के सभी साधू -संतो ने धर्म नगरी की लाइफ लाइन कही जाने वाली मन्दाकिनी गंगा को प्रदूषण मुक्त बनाने का संकल्प लिया। इस मौके पर कामदगिरि प्रमुख द्वार के संत स्वामी मदन गोपाल दास महाराज ने कहा कि मन्दाकिनी गंगा चित्रकूट की जान है। बिना मन्दाकिनी के चित्रकूट का कोई अस्तित्व नहीं है। उन्होंने कहा कि केंद्र कर दोनों प्रदेशो की सरकारों को मन्दाकिनी के संरक्षण की दिशा में ठोस कार्य योजना बना कर कार्य करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जरुरत पड़ी तो चित्रकूट का संत समाज मन्दाकिनी संरक्षण के लिए आंदोलन के लिए भी तैयार है। वही निर्मोही अखाडा के महंत ओंकार दास महाराज ने कहा कि मन्दाकिनी को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए संत समाज लोगो के बीच जनजागरण करेगा। साथ ही शासन प्रशासन से मन्दाकिनी की सफाई करा जलश्रोतों को पुनर्जीवित करने की मांग करेगा।वही कामदगिरि ट्रस्ट के संत राजीव लोचन दास महाराज ने कहा कि माता सती अनुसुईया के तप से अवतरित हुई मन्दाकिनी गंगा भारत की प्रमुख नदियों में से एक है। गंगा सागर और प्रयाग राज से भी ज्यादा महत्त्व मन्दाकिनी गंगा के स्नान का है। उन्होंने कहा कि धर्म नगरी के प्राकृतिक सौंदर्य को बनाये रखने के लिए संत समाज को संकल्प लेना होगा।

About the Reporter

  • राजकुमार याज्ञिक

    चित्रकूट जनपद के ब्यूरो चीफ एवं भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ के जिलाध्यक्ष राजकुमार याज्ञिक चित्रकूट जनपद के एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। पत्रकारिता में स्नातक श्री याज्ञिक मुख्यतः सामाजिक व राजनीतिक मुद्दों पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं।, .

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