< अधूरी सड़क नगर के सुंदरीकरण वाले स्वप्न का स्मारक है Hindi News - Breaking News, Latest News in Hindi, हिंदी में समाचार, Samachar - Bundelkhand News जिलाधिकारी चित्रकूट नगर के सुंदरीकरण हेतु प्रतिबद्ध हैं , तो वह"/>

अधूरी सड़क नगर के सुंदरीकरण वाले स्वप्न का स्मारक है

जिलाधिकारी चित्रकूट नगर के सुंदरीकरण हेतु प्रतिबद्ध हैं , तो वहीं सुंदरीकरण एवं सड़क निर्माण से संबंधित शिकायतें सरकारी स्तर पर लंबित हैं। कर्वी बाइपास की सड़क जनसेवा इंटर कालेज के लगभग 50 मीटर की दूरी पर मुश्किल से दस - बीस मीटर ही नहीं बनी है। जबकि पूर्व सपा शासनकाल में पूर्व जिला चिकित्सालय से लेकर शहर के मुख्य मार्ग कर्वी - पहाड़ी से सम्मिलन कराना सुनिश्चित था। गौरतलब है कि सम्पूर्ण सड़क निर्माण गुणवत्तापूर्ण होते हुए कुछ ही मीटर पर निर्माण कार्य रोक दिया गया। जिस जगह पर सड़क निर्माण कार्य रूका हुआ है , वहाँ नगर के वीवीआईपी श्रेणी वाले अफसरों से मधुर रिश्ते बनाने में तेज तर्रार अखबार आदि से समाजसेवी कहे जाने वाले केशव शिवहरे सहित तमाम गणमान्य नागरिकों के मकान स्थित हैं। खतरे का निशान इसलिये भी बना रहता है कि बिजली विभाग की मिली भगत से सड़क पर हाई पावर बिजली के खंभे लगाए गए हैं। हालात यह हैं कि यहाँ से स्कूल बस भी खूब गुजरती हैं। दिव्यांग बच्चों को पढ़ाने वाली संस्था दृष्टि भी थोड़ी ही दूर में स्थित है। यहाँ से दिव्यांग बच्चों व शिक्षकों का आवागमन भी खूब रहता है।

सूत्रों की माने तो पूर्व में अनेक दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। असंवेदनशील प्रशासन ने सड़क को सिर्फ खड़ा कर दिया है और उसमें इतनी सी ढलान भी नहीं बनाई कि बड़े बुजुर्ग टू व्हीलर आराम से सड़क पर लैंड कर सकें , यहाँ भी पहाड़िया हालात को जन्म दिया गया है। पिछले दिनों एक बुजुर्ग का हाथ टूट चुका है तो वहीं साइकिल से गुजरने वाले बच्चे का एक्सीडेंट हो चुका है। मतलब यह सड़क का कार्य बाधित कर दुर्घटना स्थल बना दिया गया है। नाम प्रकाशित ना होने की शर्त पर कुछ लोगों का कहना है कि कुछ घर सड़क की हद पर बने हुए हैं अर्थात सड़क का सीमांकन भी प्रशासन तय नहीं कर सका है और सड़क पर चढ़कर घर बनाने वाले दबंगो की प्रशासन तक बड़ी पहुंच के चलते विकास कार्य बाधित है। 

सवाल बना रहेगा कि आम आदमी के जीवन को अस्त - व्यस्त - पस्त कर उन दबंगो और असंवेदनशील प्रशासन को क्या और कितना लाभ होगा ? इंच भर जमीन और वर्षों पूर्व घर का तल बेहद नीचे कर घर बनाने की गलती की सजा आखिर आम राही को क्यों दी जाए। जिलाधिकारी चित्रकूट को नगरपालिका को आदेशित कर सड़क सीमांकन तय कर अधूरी पड़ी सड़क का निर्माण कार्य अतिशीघ्र पूर्ण करना चाहिए , तब जाकर नगर के सुंदरीकरण का स्वप्न साकार होने की परिकल्पना की जा सकती है।

About the Reporter

अन्य खबर

चर्चित खबरें