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परिवार नियोजन विधियों में ‘छाया’ से अधिक मांग

‘अंतरा’ में बढ़ी महिलाओं की दिलचस्पी

तीन माह में 124 महिलाएं अपना चुकी है यह विधियाँ

जिला महिला अस्पताल में फरवरी में गर्भ निरोधक इंजेक्शन अंतरा और छाया टेबलेट को लांच किया गया था जो महिलाओं को बहुत ज्यादा भा रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा मिले आकड़ों के अनुसार तीन माह में करीब 124 महिलाओं ने इन दोनों विधिओं को अपनाया है, जिसमें से 68 महिलाओं ने अंतरा इंजेक्शन को अपनाया है, वही 56 महिलाओं ने छाया टेबलेट को अपनाया है। 

बढ़ती हुई आबादी को नियंत्रित करने के लिए सरकार द्वारा पहले भी परिवार नियोजन से संबन्धित कार्यक्रम चलाये जा रहे है । जिसमें कॉपर टी, सहेली और निरोध आदि का प्रयोग किया जा रहा है। महिलाओं द्वारा कॉपर टी लगवाने में कही न कही कुछ समस्याए हो रही है वही नियमित गोली खाने में भी महिलाओं से चूक हो जाती है । जिससे उन्हे अनचाहे गर्भ का सामना करना पड़ता है। इन्ही चीजों को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार ने परिवार नियोजन की विधियों में दो और नई विधियों को 40 जिलो में अंतरा इंजेक्शन और छाया टेबलेट के रूप में 15 फरवरी  को लांच किया था।

यह महिलाओं के लिए पूर्ण गोपनीयता के साथ एक सुरक्षित, प्रभावी और परेशानी मुक्त पद्धति है। जिले में पिछले ढाई माह में यह इंजेक्शन महिलाओं के बीच काफी लोकप्रिय हुआ है। वही साप्ताहिक गोली छाया के सेवन के लिए भी महिलाए आगे आ रही है।  

क्या है अंतरा इंजेक्शन और छाया टेबलेट - एक या दो बच्चों के बाद गर्भ में अंतर रखने के लिए महिला को तीन माह में एक इंजेक्शन लगाया जाता है। इस प्रकार साल में चार इंजेक्शन लगाया जाता है। इसका अर्थ है कि एक बार इंजेक्शन लगवाने से तीन माह तक अनचाहे गर्भ से छुटकारा। जो महिलाए इंजेक्शन लगवाने से डरती है, उनके लिए छाया गोली है जो हफ्ते में 2 बार खानी होती है। महिलाएं जब तक छाया पिल एवं अंतरा इंजेक्शन का सेवन करेंगी उन्हें गर्भधारण नहीं होगा। जब उन्हें दुबारा मां बनना हो तो वे इन पिल्स या इंजेक्शन का सेवन बंद कर सकती हैं। 

इसके फायदे क्या है-  गर्भनिरोधक इंजेक्शन से स्तनपान करने वाली महिलाओं पर किसी प्रकार का दुष्प्रभाव नहीं पड़ता है। गर्भाशय के कैंसर से बचाव होता है। साथ ही महिलाओं का हीमोग्लोबिन भी अच्छा हो जाता है। 

प्रियंका सेंगर, परिवार कल्याण, परामर्शदाता, जिला महिला अस्पताल ने बताया कि पहले इंजेक्शन लगाने के बाद कुछ महिलाओं में मासिक धर्म के दौरान रक्त स्त्राव से संबन्धित समस्या हो सकती है जो बाद में सही भी हो जाती है। इसके लिए वो पहले ही महिला को बता देती है जिससे वह घबराए नहीं। इंजेक्शन लगने के साथ महिलाओं को एक कार्ड भी दिया जाता है। कार्ड पर अगली तिथि के बारे में भी जानकारी लिख दी जाती है। ताकि महिलाओं को याद रहे कि उन्हें दुबारा इंजेक्शन लगवाने कब आना है। इसके अलावा उन्होने बताया यह इंजेक्शन ऊपरी बाह की मांसपेशी में अथवा कूल्हे में लगाया जाता है। यह मासिक धर्म के पहले दिन से सातवे दिनों के दौरान दिया जाता है। वही इनका कहना है कि जिन महिलाओं का ब्लड प्रेशर ज्यादा होता है उनको यह इंजेक्शन नहीं लगाया जाता है। 

बबीना ब्लॉक की हंसारी निवासी पूजा ने बताया कि मेरा पहला बच्चा डेढ़ साल का है और दूसरा बच्चा अभी हाल ही में 9 मई हुआ है, और इन दोनों में अंतर रखने के लिए उन्हें अंतरा और छाया के बारे में बताया गया था। लेकिन बच्चा कमजोर और छोटा होने की वजह से अंतरा इंजेक्शन नहीं लगाया जा सकता है, इसलिए 6 सप्ताह तक गैप रखने के लिए परिवार कल्याण, परामर्शदाता द्वारा उन्हें छाया टेबलेट दिया गया है जिसका वर्तमान में वह उपयोग कर रही है। 

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