< जल श्रोत बदहाल, पेयजल संकट को मचा हाहाकार Hindi News - Breaking News, Latest News in Hindi, हिंदी में समाचार, Samachar - Bundelkhand News मुख्यालय सहित पूरे जिले में संकट, गांवों में हालात भयावह

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जल श्रोत बदहाल, पेयजल संकट को मचा हाहाकार

मुख्यालय सहित पूरे जिले में संकट, गांवों में हालात भयावह

लोगों की प्यास नहीं बुझा पा रहे प्रशासन के टैंकर

रहिमन पानी राखिए बिना पानी सब सून.............रहीमदास जी ने बहुत पहले इस पंक्ति के जरिए पानी की महत्ता को लेकर लोगों को आगाह करा दिया था। लेकिन किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया और प्राचीन जल श्रोतों का रखरखाव न होने से सूखे के दौरान में पूरे जिले में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। हालांकि प्रशासन के द्वारा टैंकरों से प्रभावित क्षेत्रों में आपूर्ति कराई जा रही है लेकिन वह भी नाकाफी साबित हो रही है। जिले में पानी को लेकर शोर मचा हुआ है, लोग बून्द-बून्द पानी क लिये भटक रहे है। परेशानी है कि समाप्त होने का नाम नही ले रही है।

गर्मी के दिनों में यह परेशानी जाना बजाय  घटने के बढ़ रही है। समय है पानी को सहेज कर रखने का  ताकि मानसून ऋतु आ जाये। लेकिन उसको दस्तक देने में भी अभी कम से कम एक महीने से अधिक का समय बाकी है,पानी को हेजा जा सकता है। लेकिन इस दिशा में ठोस कदम उठाये जाने की जरूरत है और इस दिशा में सक्षम अधिकारियों को दृढ़ इच्छा शक्ति से काम लेना चाहिये, लेकिन वह न दिख रही है न दिखाई जा रही है, सूखे के दिनों में निर्माण कार्य पर रोजाना बून्द-बून्द पानी के स्थान पर हजारों लीटर पानी खर्च किया जा रहा है। इससे संकट और बढ़ रहा है। दिन प्रतिदिन जलाशयों में शेष रह गया पानी कम होता जा रहा है।

रोजाना पूरे जनपद को हजारों केएल लीटर पानी की जरूरत पेयजल के रूप मेें है। जिसको लेकर सक्षम अधिकारियों द्वारा लगातार इस दिशा में ध्यान दिया जा रहा है। हालांकि प्रशासन ने दावा किया है कि कहीं पर भी पेयजल का संकट नहीं होने दिया जाएगा। उधर फ्रेंड्स क्लब सोसाइटी के लोगों के द्वारा जगह-जगह लोगों को जल सरंक्षण के प्रति जागरूक किया जा रहा है। देखना होगा कि उनका यह प्रयास कितना सफल हो सकेगा। फिलहाल इस समय लोगों को पानी की समस्या से दो चार होना पड़ रहा है और सभी बारिश आने का इंतजार कर रहे है।

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