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विधवा महिला का नाम प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास सूची से उड़ाया

विकास खण्ड बड़ोखरखुर्द के ग्राम पचनेही में शासन के निर्देशो को ताक पर रखते हुए साजिश के तहत वर्ष 2011 सामाजिक आर्थिक जनगणना सूची प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के लाभ से वंचित कर दिया गया है। पति की मृत्यु होने के बाद महिला का नाम प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना में नाम न शामिल किये जाने से विधवा महिला को शासन के योजना के लाभ से वंचित कर दिया है जिससे विधवा महिला दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं।

उल्लेखनीय है कि सरवन देवी पत्नी स्वर्गीय रामकृपाल, विकास खण्ड बड़ोखरखुर्द ग्राम पोस्ट पचनेही गांव की मूल निवासिनी है। प्रार्थनी सरवन देवी ने जिलाधिकारी बाँदा, आयुक्त बाँदा मंडल, मुख्यविकास अधिकारी, खण्ड विकास अधिकारी बड़ोखरखुर्द, विधायक तिन्दवारी, सांसद बाँदा को भेजे पत्र में उल्लेख किया है कि वर्ष 2011 सामाजिक आर्थिक जनगणना सूची के अनुसार प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना सूची क्रम संख्या 54 नम्बर पर प्रार्थनी के पति रामकृपाल पुत्र विशाल अरख का नाम दर्ज था। दिनाँक 19-09-2015 को मेरे पति की बीमारी के चलते मृत्यु हो गई। पति की मृत्यु के बाद पत्नी का नाम पति की लाभार्थी आईडी पर आ जाना चाहिये था किन्तु शासन के नियमों को ताक पर रखते हुए पत्नी का नाम प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना लाभार्थी सूची में नहीं शामिल किया गया और पात्रता की मुख्य सूची से पात्र विधवा महिला का नाम ग्राम प्रधान, रोजगार सेवक, ग्राम पंचायत अधिकारी द्वारा बाहर कर दिया जो कि सरासर गलत है।

प्रार्थनी लगातर ग्राम प्रधान से संपर्क कर जानकारी करती रही जिस पर आश्वसान मिलता रहा कि आपका नाम प्रधानमंत्री आवास सूची में जोड़ दिया गया है किंतु हकीकत जानने पर पता चला कि ये सिर्फ महज कोरा आश्वसन है। जब प्रार्थनी ने जानकारी की तो सच्चाई जानकर उसके हाँथ-पाँव फूल गए। उसके पति के स्थान पर उसका नाम शामिल नहीं किया गया तथा प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास सूची से नाम बाहर कर दिया गया। प्रार्थनी ने संबंधित ग्राम पंचायत के कर्मचारियों, अधिकारियों के विरूद्ध षणयंत्र, धोखाधड़ी पूर्ण आचरण करने के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही की मांग करते हुए प्रधानमंत्री आवास सूची में जुड़वाने की मांग हैं। 

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