< दर्द से कराहती रही प्रसूता पर डाॅक्टर का दिल नहीं पसीजा Hindi News - Breaking News, Latest News in Hindi, हिंदी में समाचार, Samachar - Bundelkhand News सड़क पर हुआ बच्चे का हुआ जन्म, जच्चा बच्चा दोनों स्वस्थ
  • दर्द से कराहती रही प्रसूता पर डाॅक्टर का दिल नहीं पसीजा

    • सड़क पर हुआ बच्चे का हुआ जन्म, जच्चा बच्चा दोनों स्वस्थ
    • महिला होकर भी डाॅक्टर ने एक महिला की तकलीफ को नहीं समझा
    • परिजनों ने कहा कि पैसे नहीं मिलने पर इलाज करने से किया मना
    • सिविल लाइन इलाके में डाॅ. मनोरमा श्रीवास्तव का नर्सिंग होम
    • महोबा की रहने वाली है प्रसूता, परिजनों ने सड़क पर कराई डिलीवरी
    • भगवान समझे जाने वाले डाॅक्टर बने दौलत के पुजारी

    जिन्दगी और मौत से जूझने वाले मरीज को नया जीवन देने वाले डाॅक्टर को लोग भगवान का दर्जा दे देते हैं। लेकिन आजकल के कुछ डाॅक्टरों को दौलत के सिवाय कुछ नजर नहीं आता। डाक्टरों की इस तानाशाही से तमाम मरीज बिना इलाज के बेड पर ही दम तोड़ देते हैं। ऐसा ही एक मामला मनोरमा नर्सिंग होम के बाहर देखने को मिला जब 10 हजार रूपये न देने पर प्रसव पीड़ा से तड़प रही महिला को भगा दिया गया। जिसने सड़क में ही बच्चे को जन्म दिया। इस घटना से मानवता शर्मसार हो गयी।

    घटना शहर कोतवाली अन्र्तगत सोमवार को देर शाम सिविल लाइन मोहल्ले में हुई जहां डाॅ. मनोरमा श्रीवास्तव का नर्सिंग होम है। जनपद महोबा के रहने वाले सुरेन्द्र तिवारी ने बताया कि महोबा जनपद में मेरी पत्नी के प्रसव पीड़ा बढ़ने पर डाॅक्टरों ने आॅपरेशन केस बताया और केस को बांदा रेफर कर दिया। मैं पत्नी को लेकर बाँदा आया और मनोरमा नर्सिंग में मरीज को लेकर डाॅक्टर आई और उसने देखते ही कहा कि 10 हजार रूपये जमा कर दो तभी हाथ लगाऊंगी वर्ना यहां से मरीज ले जाओ।

    इसी बीच प्रसव पीड़ा बढ़ती देखकर मैने डाॅक्टर के सामने हाथ जोड़कर विनती की लेकिन डाॅक्टर ने मेरी व परिवार के लोगों की एक नही सुनी और मरीज सहित क्लीनिक से भगा दिया। तभी प्रसव पीड़ा से कराह रही पत्नी ने बीच सड़क पर बच्चे को जन्म दिया। जिसे फौरन सड़क किनारे करके पर्दा किया गया यह देखकर हर किसी का आक्रोश डाॅक्टर के प्रति बढ़ गया। वहां कार्यरत गार्ड विमल व मरीज के रिश्तेदारों ने भी बताया कि डाॅक्टर ने पैसे के अभाव में इलाज करने से इंकार कर दिया। 
    जब इस बारे में सीएमओं से बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि सड़क पर बच्चें पैदा होने की जानकारी मुझे मिली है। इस में किस पक्ष की गलती है यह तो जांच के बाद ही पता चल पायेगा। यदि डाॅक्टर दोषी है तो कार्यवाही होगी। 
    इस बीच घटना की जानकारी डीएम को दी गई। डीएम ने एम्बुलेंस भेजी तब जाकर महिला और उसके बच्चे को अस्पताल में इलाज के लिए भेजा गया। 

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