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कस्बा बिरधा में खुलेआम बिक रही ओवर रेट शराब

कस्बा बिरधा में स्थित देशी शराब की दुकान पर अनियमित्तायें थमने का नाम नही ले रही है। नये वित्तीय वर्ष में नये ठेकेदार को जब से लाइसेंसी देशी शराब की दुकान आवण्टित हुयी है। अनेक प्रकार की अनियमित्ता हो रही है। एक अप्रैल से नया लाइसेंस एक वर्ष के लिये मिल गया लेकिन उसके बाद अभी तक दुकान के बाहर रेट सूची नही लिखी गयी। लोगों का आरोप है कि आबकारी विभाग के अधिकारियों से मिलीभगत कर कस्बे में खुलेआम ओवर रेट शराब बेच कर सरकारी नियमों की धज्जियां उड़ायी जा रही है। पीएनबी शाखा के ठीक सामने स्तिथ दुकान जो कि कस्बा बिरधा के रिहायशी इलाके में है को हटाने के लिए ग्राम की महिलाओं ने एकत्रित होकर तालाबंदी कर दी थी। तब प्रशासनिक अधिकारियों ने उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया था, लेकिन आबकारी विभाग के उदासीन रवैये के चलते आज तक इस मामले में कोई कार्यवाही नही हो सकी।

आबकारी विभाग के नियमानुसार दुकान 12 बजे से खोली जायेगी लेकिन पूरे अप्रैल माह में दुकान सुबह 7 बजे ही खुल जाती थी। ग्रामीणों द्वारा जिलाधिकारी ललितपुर से ओवर रेटिंग की शिकायत की गयी। आरोप है कि शिकायत के बाद आबकारी विभाग की टीम निरीक्षण के नाम पर खानापूर्ति करके चली गयी। आज भी देशी शराब की दुकान के बाहर रेट सूची नही लिखी गयी है जबकि लाइसेंसी शराब की दुकान के बाहर रेट सूची चस्पा करना विभागीय नियमानुसार आवश्यक है। बिरधा में 5 से लेकर 10 रूपये तक निर्धारित मूल्य से अधिक पर खुलेआम शराब बेचीं जा रही है। बिरधा स्तिथ देशी दुकान के बाहर बाल पेन्टिंग से केवल सादा और मसाला ही लिखा गया है लेकिन किसी भी ब्राण्ड के रेट नही लिखे गये है। जब मेन रोड पर स्थित देशी शराब की दुकान के यह हालात है तो ग्रामीण क्षेत्र में क्या स्तिथि होगी?

नशे का सशक्त माध्यम बन रहे सीरप

शाम होते ही पेशाबघरों और नालियों में मिलती हैं शीशियां

वर्तमान में लोगों को नशे की इतनी अधिक लत लग चुकी है कि वह शराब, गुटखा, तम्बाकू, खैनी इत्यादि के बाद अब मेडीकल से लोगों को खांसी में राहत पहुंचाने के लिए उपयोग लायी जाने वाली सिरप का उपयोग जोरदार तरीके से किया जा रहा है। मेडीकल संचालकों की मानें तो शाम होते ही खांसी के सिरप की डिमाण्ड अचानक से बढ़ जाती है। लोग शाम होते ही विभिन्न स्थानों से आकर एक नामी गिरामी कम्पनी की खांसी ठीक करने के लिए उपयोग किये जाने वाली सिरप खरीदकर ले जाते हैं। इतना ही नहीं कहना है कि आने वाले लोग एक दो नहीं बल्कि छह और दर्जन भर सिरप मांगते हैं, लेकिन न होने की बाध्यता जताते हुये लोगों को एक ही सिरप दिया जाता है।

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  • मोहम्मद नसीम

    जनपद ललितपुर में पत्रकारिता का एक लम्बा अनुभव लिए मोहम्मद नसीम की पारिवारिक पृष्ठभूमि भी इसी क्षेत्र से सम्बन्ध रखती है। राजनीतिक व सामाजिक मुद्दों पर इनकी गहरी पकड़ है।, ग्रेजुएट

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