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सरकारी डाॅक्टर ने सरकारी दवा की गुणवत्ता पर उठाया सवाल

जनता में अक्सर सरकारी दवाओं की गुडवत्ता को ले कर भ्रम की स्थिति बनी रहती है। स्वास्थ विभाग के अधिकारी इस भ्रम को दूर करने के लिए तमाम कोशिशे भी करते रहते हैं। लेकिन आज बांदा जिला अस्पताल में बिल्कुल उल्टा मामला देखने को मिला यहां तैनात आई सर्जन डाक्टर एस पी गुप्ता ने सी एम एस को पत्र लिख कर सरकारी दवा की गुणवत्ता पर ही सवाल उठा दिया।

डाॅ. एस. पी. गुप्ता ने आज शुक्रवार को पत्र में लिखा है कि पिछले कई माह से सरकारी सप्लाई में आने वाले जेंटामाइसिन आई ड्रॉप के इस्तेमाल से मरीजों की आंखों में लाली, जलन, सूजन आदि की समस्या आ रही है। जिससे मरीजों में आक्रोश पनप रहा है, जिसकी वजह से कभी भी कोई अप्रिय घटना घट सकती है। इसलिए इस ड्रॉप को आई विभाग में न भेजा जाए एवं इसकी गुणवत्ता की जांच कराई जाए।

इस चिट्ठी से अस्पताल प्रशासन सकते में आ गया है, ये चिठ्ठी चर्चा का विषय बनी हुई है। वहीं दूसरी तरफ सी एम एस ने जेंटामाइसिन आई ड्रॉप का सेम्पल भरवाने के लिए स्टोर इंचार्ज को बोल दिया है। स्टोर इंचार्ज ने बताया ड्रग इंस्पेक्टर को सूचना दे दी गई है। जल्द ही सेम्पल जांच के लिए भेजा जाएगा। डाक्टर एस पी गुप्ता ने बताया कि पिछले कई माह से मरीज शिकायत कर रहे थे कि इस ड्रॉप को डालने से आंखों में तकलीफ बढ़ रही है, कई मरीज तो लड़ने को तैयार हो गए थे। मैने उन्हें समझाने की कोशिश की जब आये दिन मरीजों द्वारा शिकायत की गयी तब इसलिए जान हित को ध्यान में रखते हुए ये कदम उठाना पड़ा।

उन्होंने कहा कि गलीमत है कि दवा के इस्तेमाल से मरीजों की आंखों में ज्यादा नुकसान नही पहुंचा। फिलहाल ये दवा अब मरीजों को देना बंद कर दिया है।

 

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