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पंचायत प्रतिनिधि काम में अपनी शक्ति और समय लगाये : PM

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पंचायत राज दिवस पर पंचायत प्रतिनिधियो को बधाई देते हुए आव्हान किया कि वे अपने गाँव के लिये ऐसा काम करें, जो ऐतिहासिक साबित हो। उन्होने कहा कि हर जन-प्रतिनिधि के मन में ऐसा काम करने की इच्छा है, जो चिर-स्थाई बना रहे। यह अवसर इसी इच्छा को पूरी करने का संकल्प लेने का है। श्री मोदी पंचायत राज दिवस पर जनजातीय बहुल मंडला जिले के ऐतिहासिक रामनगर से ग्राम सभाओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होने जनजातीय संस्कृति की अभिव्यक्ति को समर्पित आदि उत्सव का शुभारम्भ किया।

श्री मोदी ने पंचायत प्रतिनिधियो से कहा कि वे देश की सवा सौ करोड़ लोगो की भावनाओं का प्रतिनिधित्व करते हैं। श्री मोदी ने कहा कि पंचायत राज प्रतिनिधियो को पाँच साल के लिये कार्यकाल मिलता है। उसमें वे अपनी क्षमतानुसार ऐतिहासिक काम करने में अपनी ऊर्जा और समय लगाये। बजट की चिंता नहीं है। चिंता है केवल प्राथमिकताएँ तय करने की है। चिंता केवल बजट के सही समय पर सही काम के लिये ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ उपयोग करने की है। उन्होने कहा कि अब पहले की सरकारो की तरह बजट की कोई कमी नहीं है। कई काम ऐसे हैं, जो थोड़ी जिम्मेदारी, संवेदनशीलता और जूनून के साथ पूरे किये जा सकते हैं। उन्होने बच्चो को स्कूल भेजने, पोलियो टीकाकरण करने, स्वच्छता रखने, जैविक खेती करने जैसे काम गिनाते हुए कहा कि ऐसे कामो के लिये सिर्फ संकल्प जरुरी है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जन धन, वन धन और गोवर्धन के सही और वैज्ञानिक उपयोग से ग्रामीण भारत का कायाकल्प हो सकता है। उन्होने कहा कि पंचायत जन-प्रतिनिधि लोगो के प्रति जवाबदेह होते हैं। उन्होने कहा कि एक सरपंच अगर दृढ़ संकल्प ले तो अपने गांव में आधारभूत परिवर्तन कर सकता है। उन्होने कहा कि ग्रामीण भारत में बड़ा परिवर्तन लाने के लिये छोटे-छोटे कामो को जुनून के साथ करने की आवश्यकता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पंचायत राज दिवस भारत के कायाकल्प करने के संकल्प लेने का दिवस है। उन्होने कहा कि पंचायत प्रतिनिधि जनता के सेवक हैं और वे अपनी ऊर्जा, शक्ति और दूरदर्शिता से गाँव की जिन्दगी बदल सकते हैं। उन्होने मण्डला जिले में बाँस की खेती को प्रोत्साहन देने का उदाहरण देते हुए कहा कि जनजातीय लोगो के हित में केन्द्र सरकार ने बाँस को पौधे की श्रेणी से हटाकर घास की श्रेणी में रखा है ताकि इसकी खेती आसान की जा सके और इसका अधिकाधिक उपयोग कर आदिवासी किसान अपनी आय में भी वृद्धि कर सके। उन्होने मधुमक्खी पालन और मनरेगा के अंतर्गत अप्रैल, मई और जून में पानी बचाने के कामो को शुरू करने जैसे छोटे काम का उदाहरण देते हुए कहा कि बड़ा परिवर्तन लाने वाले कुछ छोटे काम बजट के बिना भी पूरे किये जा सकते हैं। इसके लिये पंचायत राज प्रतिनिधियो को संवेदनशील और दूरदर्शी होने की आवश्यकता है।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि वर्ष 2022 में भारत की आजादी के 75 साल पूरे हो रहे हैं और 02 अक्टूबर को महात्मा गांधी जी की जयंती को 150 साल पूरे हो रहे हैं। उन्होने पंचायत राज प्रतिनिधियो का आव्हान किया कि वे गाँधी जी के सपनो का भारत निर्माण करने का संकल्प लें और उन्हें मिले पाँच साल को स्वर्णिम काल बनाये।

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