< लावारिसों का भी कल्याण नहीं करती, रोगी कल्याण समिति  Hindi News - Breaking News, Latest News in Hindi, हिंदी में समाचार, Samachar - Bundelkhand News टुपट्टे में लिपटी लावारिस महिला कौन है ?

लावारिसों का भी कल्याण नहीं करती, रोगी कल्याण समिति 

टुपट्टे में लिपटी लावारिस महिला कौन है ?

फिल्म लावारिस में एक गीत खूब चर्चित हुआ था - ‘जिसका कोई नही उसका तो खुदा है यारों’। यह गीत दर्शको के दिल को भले ही छू गया हो लेकिन रियल लाइफ में ऐसा कुछ नही है। अगर इसकी जीती जागती तस्वीर देखना है तो यहां के जिला अस्पताल के इमरजेसी में पंलग नं. 16 में जाइये जहां मात्र एक टुपट्टे में आपने आपको लपेटे लावारिस माहिला कुछ कहना चाहती है पर दुर्भाग्य से उसकी भाषा कोई समक्ष नही पा रहा है।

विगत 12 अप्रैल को 40 वर्षीय इस महिला को सवेरे 09.29 बजे कोई अज्ञात व्यक्ति द्वारा जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके पैर में पट्टी बंधी है जिससे लगता है। जैसे किसी वाहन से टकरा कर वह घायल हो गई है। महिला कौन है कहां से आई इस बारे में कुछ पता नही है और न पता लगाने की किसी ने कोशिश की। इसके शरीर को ढकने के लिए कपड़ के नाम पर सिर्फ टुपट्टा है जिसे महिला ने शरीर में लपेट रखा है। भर्ती के समय महिला साड़ी या सलवार सूट में रही होगी तो फिर उसके कपड़े कहां गये।

इस बारे में भी किसी के पास कोई जबाव नही है। फिलहाल इमरजेंसी के पलंग नं. 16 मे वह पड़ी है। साथ में कोई न होने से इसके बारे में कोई जानकारी नही मिली है।

बताते चले कि जब कोई लावारिस मरीज अस्पताल मे आता है। तब उसकी देखरेख की जिम्मेदारी रोगी कल्याण समिति की होती है। समिति इस समय भी सक्रिय है। लेकिन समिति लावारिस मरीजों की देखरेख कैसे करती है। इसकी ताजी तस्वीर सामने है। जबकि समिति के पास बजट भी होता है। इस समिति में सिटी मजिस्ट्रेट से लेकर तीन चिकित्सक इतने ही स्वयंसेवी संस्थान व कुछ अन्य प्रशासनिक अधिकारी शामिल है। अस्पताल में रोगी से सम्बन्धित दवाओं से लेकर कुलर आदि की खरीद-फरोख्त इसी समिति की सहमति से होता है। अस्पताल में जब भी कोई लावारिस मरीज होता है। यह संस्था किसी न किसी केयरटेयर की व्यवस्था कर देती है। लेकिन यहां सब कुछ कागजों में चल रहा है। जो लावारिस मरीज आते है, वह देखरेख के अभाव में बेड में ऐडियों रगड़-रगड़ कर दमतोड़ देते है। लेकिन अन्तिम सांस ले रहे इन मरीजों के मूंह में एक बूंद पानी पिलाने वाला भी कोई उपलब्ध नही होता है। 

क्या इस तरह की लावारिस माहिला के लिए भी रोगी कल्याण समिति कोई कदम नही उठायेगी ?

ये है जनपद की रोगी कल्याण समिति  - 

नगर मजिस्ट्रेट - बाँदा
अपर मुख्य चिकित्साधिकारी - बाँदा
मुख्य चिकित्साधीक्षिका - महिला चिकित्सालय, बाँदा
अधिशासी अधिकारी - नगर पालिका, बाँदा
डाॅ. आर.के, गुप्ता - वरिष्ठ पर्रामश दाता, जिलाचिकित्सालय, बाँदा
डाॅ. मुकेश कुमार - वरिष्ठ पर्रामश दाता, जिलाचिकित्सालय, बाँदा
डाॅ. विनीत कुमार - चिकित्सा अधिकारी, जिलाचिकित्सालय, बाँदा
रामजी गुप्ता - लाॅयन्स क्बल, बाँदा
श्रीमती ममता पाण्डेय - अभ्युदय सेवा संस्थान, बाँदा
पब्लिक रिलेशन एकेडमी - बाँदा
प्रशासनिक अधिकारी कलेक्ट्रेट - बाँदा


 

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