< सूखे से निपटने के लिए अफसरों ने किया मंथन Hindi News - Breaking News, Latest News in Hindi, हिंदी में समाचार, Samachar - Bundelkhand News संभावित सूखे से निपटने के लिए मुख्य विकास अधिकारी ने "/>

सूखे से निपटने के लिए अफसरों ने किया मंथन

संभावित सूखे से निपटने के लिए मुख्य विकास अधिकारी ने अधीनस्थ अधिकारियों के साथ मंथन किया। उन्होंने प्रशासनिक मशीनरी को अभी से तैयारियां शुरू करने, ग्रामीणों का पलायन रोकने तथा प्रत्येक पंचायत में रोजाना दो-दो कार्य अनिवार्य रूप से चलते रहने के निर्देश दिए हैं।

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण गारंटी अधिनियम बेपटरी हो गया है। समय से लेबर बजट न मिलने के कारण जहां जॉबकार्ड धारकों का इस योजना से मोहभंग हो रहा है वहीं विभागीय उदासीनता के चलते कई ग्राम पंचायतों में परियोजनाएं ठप पड़ी हैं। इस वर्ष सूखा की भी स्थिति बन गई है, जिसको लेकर शासन से लेकर प्रशासन चिंतित है। सूखा की स्थिति से निपटने के लिए मुख्य विकास अधिकारी ने ग्रामीणों को रोजगार व आर्थिक स्थिति संभाले रखने के लिए मनरेगा के तहत मजदूरी उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए हैं।

सीडीओ ने कहा कि मनरेगा के तहत प्रत्येक दिन हर ग्राम पंचायत में कम से कम दो कार्य अनिवार्य रूप से चलते रहना चाहिए जिससे सभी जॉब कार्डधारकों को रोजगार मिलता रहे। गौरतलब है कि वर्तमान में जिले की 496 ग्राम पंचायतों में 312 में 1492 कार्य मनरेगा के अंतर्गत चल रहे हैं। जबकि शेष पंचायतें सूनी पड़ी हैं और वहां कोई काम नहीं हो रहा है। इसी तरह डेढ़ लाख में से मात्र 11 हजार जॉब कार्डधारकों को ही रोजगार मिल पा रहा है। बताया गया है कि इनमें बड़ागाँव की 47 में से 14ए मऊरानीपुर की 67 में से 37 तथा बामौर में 66 में से 32 ग्राम पंचायतों में ही कार्य चल रहे हैं। इस प्रगति पर मुख्य विकास अधिकारी अन्नावि दिनेशकुमार ने गहरी नराजगी जताई है।

About the Reporter

अन्य खबर

चर्चित खबरें