< अब सेंसर बताएगा चलती ट्रेन की गड़बड़ी Hindi News - Breaking News, Latest News in Hindi, हिंदी में समाचार, Samachar - Bundelkhand News चलती ट्रेन में आई गड़बड़ी की जांच के लिए झांसी-ग्वालियर रेलमार्"/>

अब सेंसर बताएगा चलती ट्रेन की गड़बड़ी

चलती ट्रेन में आई गड़बड़ी की जांच के लिए झांसी-ग्वालियर रेलमार्ग पर छह स्थानों पर सेंसर लगाए जाएंगे। यह ऑनलाइन मॉनीटरिंग ऑफ रोलिंग स्टॉक (ओएमआरएस) ट्रेन में आने वाली समस्या को महसूस करके उसकी सूचना कंट्रोल रूम को देगा, जहां से स्टेशन मास्टर के जरिए चालक तक सूचना भेजकर ट्रेन को रुकवाकर समस्या का समाधान किया जाएगा। आए दिन मेंटनेंस की कमी और तकनीकी कारणों से पहिए में चिंगारी निकलने, उपकरण टूटने और पहिए के पटरी से उतरने के कारण ट्रेन दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। इससे निपटने के लिए रेलवे ऑनलाइन मॉनीटरिंग ऑफ रोलिंग स्टॉक (ओएमआरएस) प्रणाली की मदद लेगा।

रेलवे अफसरों का दावा है कि इस प्रणाली की मदद से यात्री कोचों, वैगनों और इंजनों में पहिया जाम होने की बड़ी समस्या को वक्त रहते पकड़ने में कामयाबी हाथ लगेगी। झांसी-ग्वालियर रेलमार्ग पर पहली बार ऑनलाइन मॉनीटरिंग ऑफ रोलिंग स्टॉक (ओएमआरएस) प्रणाली की शुरूआत होगी।

जानिए ओएमआरएस
रेलवे ऑनलाइन मॉनीटरिंग ऑफ रोलिंग स्टॉक (ओएमआरएस) के एक उपकरण पर करीब तीन करोड़ रुपये का खर्चा आएगा। इसके लिए पटरी किनारे सूक्ष्म माइक्रोफोन व सेंसर लगाए जाएंगे। इससे ट्रेन के ट्रेक पर चलने के दौरान पहिए व कोच में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की जानकारी तुरंत सेंसर को मिलते ही रेलवे कंट्रोल पहुंच जाएगी। वैगन और बोगियों से उठने वाली आवाज को रिकार्ड का खराबी का पता लगाकर तुरंत गड़बड़ी की सूचना मिलेगी। इसके बाद यह जानकारी स्टेशन मास्टर के जरिए ड्राइवर तक पहुंचाकर ट्रेन रुकवा दी जाएगी।

अभी कर्मचारियों की जिम्मेदारी
स्टेशन पर ट्रेन आने के दौरान रेल कर्मचारी इंजन से लेकर कोचों की जांच करते हैं। कई बार खामियां पकड़ में भी आ जाती हैं तो कई बार इस पर ध्यान नहीं दिया जाता। इसके चलते घटनाएं हो जाती हैं। इतना ही नहीं चलते-चलते खामियां आने के कारण ट्रेन दुर्घटना का शिकार बन जाती है।

मील का पत्थर बनेगा सिस्टम
दुर्घटनाएं रोकने में सिस्टम मील का पत्थर साबित होगा। सिस्टम के डिवाइस को इन्स्ट्रॉल करने का काम चल रहा है। काम पूरा होने के बाद इसका ट्रायल किया जाएगा। सफल रहने के बाद यह सिस्टम इस रेलमार्ग पर लागू कर दिया जाएगा।
नीरज भटनागर
प्रभारी पीआरओ/डीसीएम

About the Reporter

अन्य खबर

चर्चित खबरें