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बिजली समस्या से त्रस्त जिलाध्यक्ष और सदर विधायक जिलाबदर होकर मिले ऊर्जा मंत्री से

  • बिजली का अब कोई इलाज नहीं, हमे पाषाण युग मे रहने की आदत डालनी होगी

जरा गौर फरमाइगा कि अब यूपी के बांदा, चित्रकूट के शहरी और ग्रामीण क्षेत्र मे ऐसी ही कुछ शायर-ए-अंदाज-ए-बयां होने लगा है। बुन्देलखण्ड के अतिपिछड़े जिला चित्रकूट मे छात्र से लेकर किसान तक बिजली का दुखड़ा रोए जा रहा है। नामालूम ऐसा क्या हुआ कि बिजली समस्या हल ना होकर इतनी बढ़ती जा रही है कि अब उम्मीद करना बेमानी साबित हो रहा है।

विधायक और जिलाध्यक्ष हुए जिलाबदर
बिजली समस्या मे सुधार ना देखते हुए और बढ़ते जनाक्रोश से आहत होकर विधायक चन्द्रिका प्रसाद उपाध्याय व चित्रकूट जिलाध्यक्ष अशोक जाटव जिला बदर होकर लखनऊ चले गए। वहाँ ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा से जमकर दुखड़ा रोए सिर्फ और सिर्फ आंसू नहीं निकले लेकिन जनता का दर्द वास्तविक सच्चे प्रेमी की तरह ऊर्जा मंत्री के समक्ष आवाज-ए-खिदमत से पेश कर दिया। अब देखने योग्य है कि ऊर्जा मंत्री मे कितनी ऊर्जा है कि चित्रकूट को पाषाण युग मे जाने से बचा लें। यहाँ की जनता सपा शासन काल के दिन वापस मांगने लगी है।

कहीं सपाइयों का काला जादू तो नहीं
ऐसा प्रतीत होता है कि सूबे मे सपा बसपा के शासन का समय सबसे अधिक रहा है और पिछले 14 वर्ष से ज्यादातर अधिकारी इन्हीं के कृपा पात्र रहे हैं और कृपाशंकर अखिलेश रहे तो कृपावती मायावती रहीं। जिससे प्रशासन की मिली जुली चाल भी महसूस हो रही है कि योगी को दिखा दो प्रशासन की भी ताकत होती है और दमदार सीएम ऐसी फटकार भी नहीं लगा पा रहे कि स्थिति काबू मे आ जाए।

जनता जनार्दन रो रही खून के आंसू
सोशल मीडिया मे जनता का गुस्सा खूब देखने को बनता है। युवा बीजेपी समर्थक भी इतना ऊब चुके हैं कि खूब विरोधी स्वर उगल रहे हैं। आखिर अपना सुख भी कोई सुख होता है। हर किसी के यहाँ सौर ऊर्जा व इनवर्टर भी नहीं कि थोड़ा एडडस्टमेंट हो जाए। बिजली की समस्या से पानी की समस्या स्वयं खड़ी हो जाती है। अब जनता कराह उठी है लेकिन सरकार का ध्यान शायद सत्ता छिन जाने पर ही आकृष्ट होता है। पूर्ण बहुमत की सरकार पूरे 5 साल रहेगी और काम अगर ऐसे चला तो वास्तव मे लोकतंत्र के चुनावी पर्व मे जनता के दर्द डिस्को से जब ईवीएम बोलेगी तब योगी सिर्फ योगी हो जाएंगे और श्रीकांत भी प्रेम मंदिर मथुरा की शरण मे दिखेगें। वक्त अभी भी है कि सरकार प्रशासन की वो वाली गर्दन दबोच ले जहाँ से इनका लोक व्यवहार उत्तम व कार्यशैली सरकार के मुताबिक जनहित मे हो जाती है।

सदर विधायक चन्द्रिका प्रसाद उपाध्याय व जिलाध्यक्ष अशोक जाटव के इस अतुलनीय प्रयास को सोशल मीडिया मे युवाओं ने खूब सराहा है और अब बिजली समस्या हल होने की उम्मीद बंध चुकी है। जिलाध्यक्ष अशोक जाटव अच्छी कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं तो वहीं ईमानदार छवि के विधायक श्री उपाध्याय पर भी जनता का भरोसा अब तक बरकरार है। हालांकि इस दौरान जनता को दर्द बहुत हुआ है फिर भी जन जन की उम्मीद इन दोनो पर कायम है कि अच्छे दिन आएंगे बस ऊर्जा मंत्री की कृपा हो जाए फिर चित्रकूट की जनता की बल्ले बल्ले।

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