?> बुन्देली धरती का वो लाल जिसने 10 साल तक बनाया था पंचर, आज मोदी मंत्रिमंडल में मिली जगह बुन्देलखण्ड का No.1 न्यूज़ चैनल । बुन्देलखण्ड न्यूज़

बुन्देली धरती का वो लाल जिसने 10 साल तक बनाया था पंचर, आज मोदी मंत्रिमंडल में मिली जगह

किसी ने सही कहा है कि हर दिन एक जैसा समय नही रहता । अगर आप मेहनती हैं तो एक दिन जरूर आएगा जब सफलता की उच्च श्रेणी को प्राप्त करेंगे। आज ऐसा ही कुछ बुन्देलखण्ड की सियासत के एक ऐसे ही लाल के साथ घटित हुआ। दरअसल, आज पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने कैबिनेट में तीसरा फेरबदल किया। मोदी कैबिनेट में शामिल होने वाले नौ नए चेहरों में मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ (बुन्देलखण्ड) से सांसद वीरेंद्र खटीक का नाम प्रमुख है। वे लगातार 6वीं बार सांसद चुने गए हैं। अभी तक के उनके कार्यकाल की मजबूती का नतीजा है कि उनके कार्यों की चमक दिल्ली तक पहुँच गई। 
 
आपको बता दें कि 1996 में पहली बार सागर संसदीय सीट से चुने गए वीरेंद्र खटीक का राजनीति कैरियर काफी लंबा रहा है । हालांकि, राजनीति में बड़ा मुकाम हासिल करने से पहले भाजपा के इस वरिष्ठ नेता को जिंदगी में काफी संघर्ष करना पड़ा। शुरुआती जीवन इतना कठिनाई भरा रहा कि इन्हें करीब 10 वर्ष तक पंचर बनाने का काम भी करना पड़ा। 
 
गौरतलब हो कि, वीरेंद्र खटीक का बचपन बेहद संघर्ष और अभाव के दौर से गुजरा है और उन्होंने परिवार के भरण-पोषण के लिए पिता के साथ साइकिल की दुकान पर करीब 10 वर्ष पंक्चर भी बनाए। पांचवीं कक्षा से ही उन्होंने सागर में पिता की साइकिल रिपेयरिंग शॉप पर पंक्चर बनाने का काम सीख लिया था। कम उम्र में ही कई बार वह खुद अकेले ही पूरी शॉप का काम संभालते थे । 
 
बुन्देलखण्ड की राजनीति में अपनी एक अलग पहचान रखने वाले नेताओं में वीरेंद्र कुमार का नाम शुमार हैं। उनको मंत्री बनाए जाने के पीछे उनकी सादगी और दलित होना अहम माना जा रहा है । सर्वप्रथम सागर से चार दफे लोकसभा चुनाव जीतने के बाद टीकमगढ़ सीट के रिजर्व होने के बाद पिछली दो बार यहां से चुनाव लड़कर वह संसद में पहुंचे हैं। चौपाल लगाकर जनता की समस्याएं सुनने के कारण उन्हें चौपाल वाले सांसद भी कहा जाता है। वीरेंद्र कुमार जैसे नेताओं की पूरे देश को जरूरत है जिन्हें आम आदमी का दर्द समझ आता है।


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