?> IRNSS-1A की जगह लेगा नौवहन उपग्रह IRNSS-1H बुन्देलखण्ड का No.1 न्यूज़ चैनल । बुन्देलखण्ड न्यूज़ 'नाविक' श्रृंखला के मौजूदा सात उपग्रहों में संवर्धन के लिए नौ"/>

IRNSS-1A की जगह लेगा नौवहन उपग्रह IRNSS-1H

'नाविक' श्रृंखला के मौजूदा सात उपग्रहों में संवर्धन के लिए नौवहन उपग्रह IRNSS-1H के गुरूवार को होने वाले प्रक्षेपण के लिए उल्टी गिनती शुरू हो गई है। प्रक्षेपण यान PSLV-C39 के जरिए IRNSS-1H को प्रक्षेपित किया जाएगा। 

IRNSS-1H नौवहन उपग्रह IRNSS-1A की जगह लेगा, जिसकी तीन रूबीडियम परमाणु घड़ियों (एटॉमिक क्लॉक) ने काम करना बंद कर दिया था। IRNSS-1A ‘नाविक’ श्रृंखला के सात उपग्रहों में शामिल है। 

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने कहा, ‘‘PSLV-C39/IRNSS-1H के अभियान की  29 घंटे लंबी उल्टी गिनती बुधवार को दोपहर दो बजे शुरू हो चुकी है। ’’ आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के दूसरे लॉंन्च पैड से 31 अगस्त को शाम सात बजे इसका प्रक्षेपण किया जाएगा।

मिशन तैयारी समीक्षा (एमआरआर) समिति और प्रक्षेपण प्राधिकृति बोर्ड (एलएबी) ने मंगलवार को 29 घंटे लंबी उल्टी गिनती की मंजूरी दी थी।  1,400 किलोग्राम से ज्यादा वजन के IRNSS-1H का निर्माण इसरो के साथ मिलकर छह छोटी-मझौली कंपनियों ने किया है। भारतीय क्षेत्रीय नौवहन उपग्रह प्रणाली (IRNSS) एक स्वतंत्र क्षेत्रीय नौवहन उपग्रह प्रणाली है, जिसे भारत ने अमेरिका के जीपीएस की तर्ज पर विकसित किया है। 



चर्चित खबरें