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मनोकामना पूर्ति के लिए इस विधि से करे गणेश जी की पूजा

देवताओं में प्रथम पूज्यनीय भगवान गणेश का जन्मोत्सव गणेश चतुर्थी के रूप  में पूरे देश भर में हर्षोल्लास के साथ धूमधाम से मनाया जाता है। ये त्यौहार गणेश चतुर्थी से अनंत चैदस तक मनाया जाता है। इस वर्ष यह महोत्सव 25 अगस्त से 5 सितंबर तक चलेगा। इस महोत्सव के दौरान लोग अपनी श्रद्धानुसार गणेश प्रतिमा अपने-अपने घरों में स्थापित कर पूरे विधि विधान से पूजा करते है। वैसे तो यह महोत्सव पूरे देश में ही बडे धूमधाम से मनाया जाता है लेकिन मुम्बई में इसका कुछ अलग ही रंग देखने को मिलता है। चाहे वो लालबाग के राजा के रूप  में हो या फिर अंधेरी में विराजमान गणपति के रूप में। चारों ही तहफ उनके अलग-अलग स्वरूप  की भव्य प्रतिमा देखने को मिलती है।

जानिए गणेश उत्सव का महत्व
यदि आपके घर में वास्तु दोष है, तो उसे दूर कैसे करें, यदि किसी ग्रह की वजह से जीवन में बाधा है तो कैसे मिलेगी शांति, अपनी मनोकामना पूर्ति के लिए किस मंत्र का जाप करें और यदि आप ने घर में गणेश जी रखें हैं तो कैसे करें विसर्जन।

भगवान गणेश को बुद्धि, विवेक और समृद्धि का देवता माना जाता हैI हिन्दू धर्म में कोई भी शुभ काम करने से पहले भगवान गणेश का पूजन किया जाता है, ऐसी मान्यता है कि भगवान गणेश का पूजन करने से जीवन की सारी परेशानियां दूर हो जाती हैं, भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को भगवान गणेश का जन्म हुआ था, इसलिए चतुर्थी तिथि से शुरू करके 10 दिन तक गणेश उत्सव मनाया जाता है।

गणेश पूजन में इन बातों का रखें ध्यान

  • भगवान गणेश की पूजा में तुलसी का प्रयोग ना करें।
  • पूजन में गणपति जी की ऐसी प्रतिमा प्रयोग करें, जिसमें सूंड बाएं हाथ की ओर घूमी हो। दाएं हाथ की ओर घूमी हुई सूंड वाले गणपति जी की प्रतिमा का प्रयोग ना करें, ऐसा माना जाता है कि इनकी साधना कठिन होती है और गणपति देर से प्रसन्न होते हैंI
  • गणेश जी को मोदक और मूषक प्रिय हैंI इसलिए ऐसी मूर्ति की पूजा करें जिसमें मोदक और मूषक दोनों हों।

गणेश जी की पूजा से दूर होता है वास्तुदोष

यदि घर में वास्तु दोष हो तो गणेश उत्सव के समय गणपति का पूजन करें। अपने घर में गणेश जी की प्रतिमा स्थापित करें और प्रतिदिन पूजन करें और वास्तुदोष दूर करने की प्रार्थना करें। घर के मुख्यद्वार अंदर और बाहर की तरफ गणेश जी का चित्र लगाएंI

ग्रहों को शांत करते है गणपति बप्पा

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार भगवान गणेश का संबंध बुध ग्रह से है, लेकिन प्रथम पूज्य गणपति जी की पूजा से सभी ग्रहों की शांति हो जाती हैI

इच्छा पूर्ति के लिए इस मंत्र का जाप करें

सभी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए ऊं गं गणपतये नमरू मंत्र का 108 बार जाप करें।

10 दिन तक चलता है गणेश महोत्सव, इस वर्ष 11 दिनों तक विराजेगें के बप्पा

इस बार गणेश जी का जन्मोत्सव 10 दिन के बजाय 11 दिनों तक चलेगा यानी 25 अगस्त से शुरू होकर 5 सितंबर तक गणेश उत्सव चलेगा, क्योंकि 31 अगस्त और 1 सितंबर को 10वीं तिथि दो दिन है, इसलिए भगवान गणेश का विसर्जन अनंत चतुर्दशी को यानी 5 सितंबर को होगा।

इस विधि से करें विसर्जन
सबसे पहले जिस तरह से आप पूजन कर रहे हैं, उसी तरह विसर्जन वाले दिन भी भगवान गणेश का पूजन करें। मोदक, फल का भोग लगाएं। भगवान गणेश की आरती करें। भगवान गणेश से विदा होने की प्रार्थना करे। पूजा स्थान से गणपति की प्रतिमा को उठाएं और किसी दूसरे लकड़ी के पटे पर रखें और साथ में फल, फूल, वस्त्र, मोदक और दक्षिणा रखें। एक कपड़े में थोड़े चावल, गेहूं और पंचमेवा रखकर पोटली बनाएं उसमें कुछ सिक्के भी डाल दें और उस पोटली को गणेश जी की प्रतिमा के पास रखें। साफ पानी में गणेश जी का विसर्जन करें। वैसे तो नदी, तालाब में विसर्जन करने की परंपरा है, लेकिन बढ़ते प्रदूषण के कारण आप अपने घर में ही बड़े टब में साफ पानी भर कर गणेश जी का विसर्जन करें और कुछ दिन तक टब में पानी और मूर्ति रहने दें और फिर किसी पेड़ के नीचे उस जल को छोड़ दें।

 



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